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भूमि अधिग्रहण बिल से किसानों को मनाने की कोशिश

Sun, 21 Oct 2012 12:48 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 21 Oct 2012 12:48 PM IST
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land acquisition bill will remove anger of farmers

सरकार ने मंत्रियो के समूह (जीओएम) की स्वीकृति वाले भूमि अधिग्रहण बिल के मसौदे से नाराज किसानों को मनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। शनिवार को ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि किसानों की मांगो पर विचार किया जाएगा। मसौदे में बदलाव संबंधी किसानों की मांगो से जीओएम के अध्यक्ष शरद पवार को अवगत कराया जाएगा। लेकिन इस संबंध में अभी किसानों को किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया है। फिर भी उम्मीद है कि सरकार भूमि अधिग्रहण बिल के मसौदे को अंतिम रूप देते समय किसानों की मांगो का ध्यान रखेगी।

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जयराम के मुताबिक, जीओएम की स्वीकृति वाले भूमि अधिग्रहण बिल में जमीन अधिग्रहण में दो तिहाई भूस्वामियों की स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से किसान खासे नाराज हैं। किसानों का कहना है कि 80 फीसदी भूस्वामियों की मंजूरी के बगैर अधिग्रहण नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही किसानों की मांग है कि मसौदे में प्रभावित किसानों व उस पर आश्रितों के पुर्नवास व पुर्नस्थापन के प्रावधान भी शामिल किए जाएं। साथ ही प्रभावित परिवार के किसी एक सदस्य के लिए योग्यता के आधार पर नौकरी की व्यवस्था भी की जाए।
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रमेश ने बताया कि किसानों को उनकी मांगों पर विचार किये जाने का आश्वासन दिया है। हालांकि मसौदे में बदलाव होगा या नहीं अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन जिस तरह से यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी ने भी भूमि अधिग्रहण के लिए 80 फीसदी किसानों की मंजूरी की बात कही है। उससे उम्मीद है कि जीओएम मौजूदा मसौदे के प्रावधानों में बदलाव पर विचार कर सकता है।
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जयराम के मुताबिक, भूमि अधिग्रहण बिल को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। इसके लिए भूमि संसाधन विभाग में मसौदे को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। अगले दो सप्ताह में ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।

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