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‘भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन गैर जरूरी’

Tue, 23 Jun 2015 08:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 23 Jun 2015 08:11 AM IST
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'Land Acquisition Act amendments of non-essential

योगेंद्र यादव की अगुवाई में स्वराज अभियान के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को भूमि अधिग्रहण बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति के सामने अपनी आपत्तियां रखीं।

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अभियान की दलील थी कि भूमि अधिग्रहण कानून-2013 में संशोधन के प्रस्ताव गैर-जरूरी हैं। इससे किसानों के हितों पर बुरा असर पड़ेगा। करीब चालीस मिनट तक चली बैठक में समिति के अध्यक्ष एसएस अहलूवालिया भी मौजूद थे।
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स्वराज अभियान के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में योगेंद्र यादव, आनंद कुमार, राजीव गोदारा व अनुपम सिंह शामिल थे। समिति को बताया गया कि 2013 का भूमि अधिग्रहण कानून काफी हद तक किसानों के हक में था। लेकिन मौजूदा सरकार कानून में संशोधन कर रही है।
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संसद में इसके पास होने से भूमि अधिग्रहण के 80 फीसदी से ज्यादा मामलों में किसानों की अनुमति की जरूरत नहीं रहेगी। इसका सीधा असर किसानों के हित पर पड़ेगा। लिहाजा यह संशोधन मंजूर नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, अगर दूसरे केंद्रीय कानूनों को भूमि अधिग्रहण कानून के तहत लाना था तो इसके लिए एक नोटिफिकेशन ही पर्याप्त था। कानून में संशोधन की जरूरत ही नहीं थी।


बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए योगेंद्र यादव ने बताया कि संयुक्त संसदीय समिति के सामने हमने उस सारे मसलों को रखा, जय किसान आंदोलन के तहत जिसे उठाया जा रहा है। सदस्यों ने हमारी बातों को गंभीरता से सुना। साथ ही इस दिशा में उपयुक्त कदम उठाने का भरोसा भी जताया।

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