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मनाते रह गए लालू-शरद, नहीं माने मुलायम

Fri, 04 Sep 2015 11:54 PM IST
Updated Fri, 04 Sep 2015 11:54 PM IST
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Lalu-sharad fails to woo Mulayam

जनता परिवार को बिखरने से बचाने की अंतिम कोशिश भी फिलहाल नाकाम हो गई। बृहस्पतिवार को जदयू अध्यक्ष शरद यादव के बाद शुक्रवार को राजद के मुखिया लालू प्रसाद भी नाराज सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को नहीं मना पाए।

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शरद की तरह ही लालू प्रसाद ने भी सपा प्रमुख से घंटे भर की मुलाकात के बाद गठबंधन के बरकरार रहने का दावा तो किया, मगर इस दौरान यह भी कहा कि बातचीत में सीटों के सवाल पर कोई चर्चा नहीं हुई।
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मुलाकात के दौरान राजद प्रमुख ने सपा प्रमुख से न केवल अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, बल्कि उन्हें बिहार के बाद उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की भी याद दिलाई। मनाने की कोशिश में नाकाम रहने के बाद जदयू और राजद अब सपा पर तीखा सियासी निशाना साधने की तैयारियों में जुट गई है।
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शरद और लालू के गठबंधन बने रहने के दावे पर सपा की चुप्पी ने साफ कर दिया है कि दोनों नेता मुलायम को नहीं मना पाए हैं। उल्लेखनीय है कि सपा ने बृहस्पतिवार को अचानक जनता परिवार और बिहार विधानसभा चुनाव में बने महागठबंधन से अलग होने की घोषणा कर सबको चौंका दिया था।

खतरनाक दौर से गुजर रहा देश

Lalu-sharad fails to woo Mulayam

मुलाकात के बाद राजद के मुखिया ने कहा कि मुलायम हमारे बड़े ही नहीं रिश्तेदार भी हैं। हमारा उन पर पूरा हक है। उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद देश खतरनाक दौर से गुजर रहा है।

बिहार चुनाव पर देश भर की निगाहें टिकी हैं। ऐसे में ज्यादा जिम्मेदारी मुलायम की भी है। लालू ने कहा कि मैंने उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। उन्हें यह भी बताया है कि बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में देश में समाजवादी व्यवस्था के लिए हमें एकजुट रहने की जरूरत है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुलाकात में सीटों के बंटवारे पर कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सीट मतभेद का विषय नहीं है। जब हम एक हो गए हैं तो हमारी सारी सीटें उनकी ही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेल-मुलाकात के जरिए मतभेद दूर कर गठबंधन को हर कीमत पर बरकरार रखा जाएगा।

जदयू-राजद को सता रहा भय

Lalu-sharad fails to woo Mulayam

उधर अचानक गठबंधन से बाहर आने और समझौते की कोशिश को परवान नहीं चढ़ने देने से कई तरह की चुनौतियां झेल रहे जदयू-राजद में सपा के प्रति गुस्सा भी है।

जदयू के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक अगले एक दो दिनों में सपा को मनाने की और कोशिशें होंगी। अगर सफलता नहीं मिली तो हम भी सपा के यू टर्न की सच्चाई सामने लाएंगे।

उल्लेखनीय है कि जदयू और राजद को इस बात का भय है कि टिकट पाने में नाकाम रहे बागियों को सपा का संरक्षण मिल सकता है। इसकी पुष्टि राजद के वरिष्ठ नेता रहे रघुनाथ झा ने अचानक पाला बदल कर सपा का दामन थाम कर दे दिया है।

चूंकि चुनाव में जदयू को अपने कई वर्तमान विधायकों का तो राजद के भी कम से कम 100 दावेदारों को टिकट मामले में निराशा झेलनी पड़ेगी। ऐसे में बागी तेवर अपना कर ऐसे काफी दावेदार सपा के साथ जा सकते हैं।

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