लालू के छोटे लाल ने बताई बीफ की परिभाषा, बोले गूगल देखो
राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने कहा है कि बीफ गोमांस नहीं है। गोमांस और बीफ में अंतर है। बीफ भैंस या गधे, किसी भी जानवर का मांस हो सकता है। गूगल पर चेक किया जा सकता है, बीफ और गोमांस में बहुत अंतर है।
तेजस्वी ने ये बयान अपने पिता लालू यादव के उस बयान की सफाई में दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदुओ में भी बीफ खाने का प्रचलन है। लालू यादव ने ये बयान दादरी में गोमांस खाने के शक में हुई अखलाक की हत्या के बाद दिया था।
लालू के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और बिहार विधानसभा चुनावों में इसे मुद्दा भी बनाने का प्रयास किया, जिसके बाद मतों के ध्रुवीकरण की आशंका के कारण राजद के सहयोगी दलों जदयू और कांग्रेस ने लालू के बयान से किनारा कर लिया। बयान के तूल पकड़ने पर लालू ने भी मीडिया को आड़े हाथों लिया था और कहा था कि कोई शैतान है, जो उनके मुंह में डालकर ऐसी बातें चला रहा है।
मोदी ने भी लालू के बयान पर ली थी चुटकी
लालू के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी निशाना साधते हुए कहा था कि शैतान को लालू का ही पता कैसे मिल गया। इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में अपने पिता के बयान का बचाव करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उस बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया।
उन्होंने कहा कि जब वे लोग (भाजपा व उसके सहयोगी) आरक्षण के मुद्दे पर फंस गए, तो उन्होंने गोमांस के एजेंडे का इस्तेमाल करना शुरु किया। तेजस्वी ने पूछा कि ये मुद्दा एकाएक सामने क्यों आया?
ये बोले थे लालू-'बीफ जो खाता है खाता है, हिंदुओं में नहीं खाता है क्या बीफ? जो बाहर जा रहा है बीफ खा रहा है कि नहीं, हिंदुस्तान में भी तो बीफ खा रहा है। लालू ने कहा था, 'अपने को हिंदू कहने वाला भी बीफ खा रहा है, जो मांस खाता है उसको गाय और बकरा से क्या फर्क है? ये सांप्रदायीकरण हो रहा है। कोई भी सभ्य आदमी मांस नहीं खाता, बीमारी के कारण।'