लालू का नया पैंतरा, बीवी और बेटी के जरिए देंगे दिल्ली में दखल
चारा घोटाले के गुनाह में चुनाव लड़ने से बेदखल राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव अपने दोनों बेटों को मंत्री बनाकर सत्ता का स्वाद चखा चुके हैं। अपनी बीवी और बेटी को राज्यसभा भेजकर लालू उन्हें भी सत्ता में गलियारों से रूबरू कराने के तैयारी में हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव अपने परिजनों को राजनीति में आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम करते हुए पत्नी राबड़ी देवी और बड़ी बेटी मीसा भारती को राज्यसभा में भेज सकते हैं। राज्यसभा का चुनाव अगले वर्ष प्रस्तावित है। अगले वर्ष जुलाई में जनता दल यूनाटेड के पांच राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। राजद के सूत्रों का कहना है कि पार्टी की ओर से राबड़ी देवी और मीसा भारती का उम्मीदवार होना तय है।
बिहार विधानसभा में राजद के 80 विधायक हैं। राबड़ी और मीसा की जीत सुनिश्चित कराने के लिए उन्हें दो विधायकों की आवश्यकता और पड़ेगी। बिहार कोटे से राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए एक उम्मीदवार को 41 वोटों की आवश्यकता होती है।
राबड़ी और मीसा के जरिए दिल्ली में दखल देंगे लालू
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में राजद के एक सूत्र ने बताया कि लालू प्रसाद यादव लगातार कह रहे हैं कि वह राष्ट्रीय स्तर पर काम करेंगे, जबकि नीतीश कुमार बिहार में काम करते रहेंगे। राबड़ी और मीसा का नामांकन इसी दिशा में एक कदम है।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत के बाद लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में अपने दोनों बेटों तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव को महत्वपूर्ण मंत्रालय दिलवाए। सरकार में भी उन्हें नीतीश के बाद दूसरे और तीसरे नंबर की हैसियत दी गई।
राबड़ी देवी तीन बार बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। यदि वह राज्यसभा में आती हैं तो यह राष्ट्रीय राजनीति में उनका औपचारिक प्रवेश होगा। लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती ने पिछले साल वैशाली सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था, हालांकि वो अपने पिता के ही पुराने सहयोगी रामकृपाल यादव के हाथों के हार गई। रामकृपाल ने भाजपा के टिकट के चुनाव लड़ा था। मीसा राजद के सांगठनिक ढांचे पर विशेष ध्यान देती रही हैं।