'मैं होता तो किताब देखकर लिखने की होती छूट'
बिहार में मैट्रिक की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हो रही नकल की तस्वीरों की राष्ट्रीय स्तर पर हो रही आलोचना के बीच राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का कहना है कि यदि उनकी सरकार होती तो वे परीक्षार्थियों को उत्तर लिखने के लिए किताब की अनुमति दे देते।
रविवार को बक्सर जिले में एक स्कूली कार्यक्रम में राजद अध्यक्ष ने कहा कि यदि मेरी सरकार होती तो हम परीक्षार्थियों को लिखने के लिए किताब दे देते। ऐसे में जिसने पढ़ा होता वही जवाब लिख पाता और जिसने पढ़ाई नहीं कि होती वह परीक्षा की अवधि में किताब से जवाब ही खोजता रह जाता।
वरिष्ठ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने भी लालू के परीक्षा में ओपन बुक सिस्टम का समर्थन किया है। लालू ने नकल पर लगाम लगाने में असमर्थता जताने पर शिक्षा मंत्री पीके शाही की भी आलोचना की।
मोदी ने किया ओपन बुक सिस्टम का समर्थन
भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा है कि बिहार में मैट्रिक की परीक्षाओं में आपेन बुक सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। मोदी ने कहा है कि अमेरिका के प्रमुख विश्वविद्यालयों समेत दुनिया के कई देशों में छात्रों को किताब देखकर परीक्षा देने की छूट है।
वहीं बिहार के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने सोमवार को कहा कि देश के किस हिस्से में परीक्षा में नकल नहीं होती है। शाही ने विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार नकल मुक्त परीक्षा कराने की हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि यूपीएससी और मेडिकल की परीक्षा में भी नकल के मामले सामने आते रहे हैं। दो-तीन केंद्रों की तसवीर को पूरे प्रदेश की तसवीर समझना गलत है। शाही इससे पहले कह चुके हैं कि नकल रोकना अकेले सरकार के बूते की बात नहीं।