लालू का चुनावी वार, नीतीश-मोदी को बताया 'लंगोटिया यार'
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चुनावी रैलियों में भले ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी एक-दूसरे के खिलाफ जुबानी तीर छोड़ने में लगे हुए हैं।
लेकिन लालू प्रसाद यादव का मानना है कि दोनों ‘लंगोटिया यार’ हैं और वोटरों को बेवकूफ बनाने के लिए आपस में लड़ने का नाटक कर रहे हैं।
लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान में कूदते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी पर एक साथ निशाना साधा है।
‘वोट की चोट मारो दोनों पर'
बिहार में चुनाव प्रचार की शुरुआत के मौके पर ‘चुनावी रथ’ को लांच करते हुए लालू ने बुधवार को कहा, ‘नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार दोनों लंगोटिया यार हैं।
उन्होंने कहा कि वे एक साथ काम कर रहे हैं। लोगों को बेवकूफ बनाते हुए दोनों एक-दूसरे की तरफ आंख भी मार रहे हैं। लोग अब इसे समझने लगे हैं और उनका जूतों व चप्पलों से स्वागत कर रहे हैं।’
नेताओं पर जूते फेंकने के संबंध में उन्होंने कहा, ‘वोट की चोट मारो उन पर, जूता चप्पल से अभिनंदन मत कीजिए।’
'अगर मैं सत्ता में होता तो मोदी को भी रोक लेता'
1990 में भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा को रोकने की घटना को याद करते हुए लालू ने कहा, ‘अगर मैं सत्ता में होता और नरेंद्र मोदी रथ यात्रा करते तो मैं उन्हें भी रोक लेता।’
अपने विपक्षी नीतीश पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश ने 2011 में जय प्रकाश नारायण की जन्मभूमि से नीतीश ने आडवाणी की जन चेतना यात्रा को हरी झंडी दिखाई थी।
इस बीच भाजपा के पूर्व विधायक लक्ष्मी नारायणन मेहता ने लालू की उपस्थिति में राजद की सदस्यता ली। लालू ने इस मौके पर कहा कि उनके चुनावी घोषणा पत्र में प्राथमिक टीचरों, आंगनवाड़ी सेविकाओं, स्वास्थ्यकर्मियों, होमगार्डों के साथ उन सभी को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें मांग करने पर पीटा गया।