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'मोदी के हाथों में देश सुरक्षित नहीं'

Fri, 05 Dec 2014 03:46 PM IST
Updated Fri, 05 Dec 2014 03:46 PM IST
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laloo attack modi on many issues

समधी बनने से पहले ही लालू-मुलायम ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को मुलायम सिंह के घर पर जनता परिवार की बैठक हुई तो लालू प्रसाद यादव ने भी अब मोदी सरकार को आड़े हाथों ले लिया है।

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लालू ने कहा कि अमित शाह और नरेन्द्र मोदी मिलकर देश के लोगों को ठग रहे हैं। वे लोगों को प्रगति का लालच दे रहे हैं, लेकिन कुछ कर नहीं पा रहे हैं। इतना ही नहीं, लालू ने यह भी कहा कि नरेन्द्र मोदी के हाथों में आरएसएस के साथ देश सुरक्षित नहीं है।
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हाल ही में साध्वी निरंजन ज्योति द्वारा दिए गए बयान को मुद्दा बनाते हुए लालू बोले कि जितने भी साधु साध्वी हैं, सभी माहौल को सांप्रदायिक कर रहे हैं। ये लोग संत नहीं, बल्कि आरएसएस के प्रचारक हैं, जिन्हें जेल में बंद कर देना चाहिए।
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लालू ने अपनी बात में काले धन के मामले को भी उठाया और बोले कि मोदी सरकार कहती है काला धन लाएंगे। वे बोले कि आखिर कहां है ये पैसा, इसे लाओ नहीं तो वे इसके खिलाफ धरना करेंगे। सार्क सम्मेलन में शरीफ और मोदी के बीच कोई बातचीत न होने को भी लालू ने मुद्दा बना लिया और बोले कि कभी वो मुंह फुलाता है, कभी ये मुंह फुलाता है।


मोदी ने कहा था कि बांग्लादेश के लोग असम का विनाश कर रहे हैं, इस पर भी निशाना साधते हुए लालू बोले कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए था।

मोदी के खिलाफ जनता परिवार को एकजुट करेंगे मुलायम

laloo attack modi on many issues

इससे पहले गुरुवार को मुलायम के घर पर मोदी सरकार और बीजेपी को घेरने के लिए जनता परिवार की बैठक हुई। मोदी सरकार के खिलाफ पुराने जनता परिवार को राष्ट्रीय स्तर पर बैनर तले लाने की जिम्मेदारी सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को सौंपी गई है। इस मुद्दे पर सैद्धान्तिक सहमति तो बन चुकी है, लेकिन अभी इसका ऐलान होना बाकी है।

गुरुवार को सपा प्रमुख के घर पर जनता दल के पुराने सिपलहार इकट्ठा हुए। सभी दलों के एकजुट होने के लिए जनता परिवार के दिग्गज राजी तो हैं, लेकिन आपसी विलय के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में अपनी हैसियत को लेकर अभी वे चिंतित हैं।


जनता परिवार द्वारा मोदी को काले धन, किसानों की बदहाली और बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरने को लेकर 22 दिसंबर को दिल्ली में एक संयुक्त रैली करने का फैसला किया गया है। बैठक में यह बात तो हुई कि राष्ट्रीय स्तर पर एक मोर्चा बना लिया जाए, लेकिन इसके वजूद को लेकर चिंताएं अभी भी बरकरार हैं।


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