अगले संसद सत्र में फिर गरमाएगा ललित मोदी का मुद्दा
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संसद के शीतकालीन सत्र के नजदीक आते ही कांग्रेस ने ललितगेट मुद्दे को फिर से गरमाने की शुरुआत कर दी है। कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने दो साल पहले पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी को भारत वापस भेजने यानी डिपोर्ट किए जाने की मांग करते हुए इंग्लैंड को चिट्ठी लिखी थी।
चिदंबरम ने अगस्त 2013 में अपने ब्रिटिश समकक्ष को यह पत्र लिखा था। कांग्रेस ने कहा है कि ललित मोदी को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए तत्कालीन यूपीए सरकार ने इंग्लैंड से डिपोर्ट की मांग की थी।
पार्टी ने आरोप लगाया कि मौजूदा एनडीए सरकार ने इस मामले को टालने के लिए प्रत्यर्पण की मांग की है, ताकि मोदी को भारत लाने में देरी हो।
पिछली सरकार ने किए थे अथक प्रयास
पार्टी ने चिदंबरम की चिट्ठी को सार्वजनिक किया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार का झूठ सामने आ गया है।
सूचना के अधिकार कानून के तहत मिली इस चिट्ठी में चिदंबरम ने कहा था कि
भारत ललित मोदी को प्रत्यर्पित करने की मांग नहीं कर रहा, जिसमें अकसर ही
लंबा समय लगता है, बल्कि हम ब्रिटेन से उन्हें डिपोर्ट करने की मांग करते
हैं।
इस चिट्ठी में चिदंबरम ने कहा था कि भारत में संभावित गंभीर अपराधों
के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा पूर्व आईपीएल कमिश्नर की जांच की जा रही
थी। सुरजेवाला ने कहा कि यह इस बात का साफ सबूत है कि पिछली सरकार ने ललित
मोदी को भारत वापस लाने के लिए अथक प्रयास किए थे।