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अमिताभ बच्चन की तरह हैं आडवाणी: गडकरी

Sun, 22 Jun 2014 08:07 AM IST
Updated Sun, 22 Jun 2014 08:07 AM IST
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Lal krishna advani deserves to be president of India says Nitin Gadkari

केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी का कहना है कि पार्टी के बुजुर्ग नेता लालकृष्ण आडवाणी देश के राष्ट्रपति होने के लायक हैं और यही पद उनके कद के अनुरूप है।

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एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि आडवाणी जी को लोकसभा अध्यक्ष बनाया जाना सही नहीं होता क्योंकि वह पहले ही देश के उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं। वह देश के राष्ट्रपति पद के योग्य हैं।
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'आडवाणी के कद के अनुरूप पद'

Lal krishna advani deserves to be president of India says Nitin Gadkari

हम सब आडवाणी जी का सम्मान करते हैं और हम चाहते हैं कि उन्हें उनके कद के अनुरूप पद मिलना चाहिए।

पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75 साल से अधिक उम्र के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने का फैसला सर्वसम्मति से लिया था।

इसी के चलते पार्टी के वरिष्ठ नेता आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को मोदी सरकार में जगह नहीं मिल सकी।

अम‌िताभ से की तुलना

Lal krishna advani deserves to be president of India says Nitin Gadkari

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तुलना बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन से करते हुए गडकरी ने कहा कि नए लोगों के लिए जगह बनाने के लिए उन्होंने अब से 10 साल पहले लीड रोल करने छोड़ दिए थे।

साथ ही उन्होंने उन मीडिया अटकलों को भी खारिज किया कि जोशी योजना आयोग के उपाध्यक्ष बनना चाहते हैं। गडकरी ने कहा कि जोशी जी हमारे थिंकटैंक हैं और वरिष्ठ नेता हैं। हमारी उनके ज्ञान और व्यापक अनुभव का जरूर इस्तेमाल करेगी।

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'मंत्री प्रधानमंत्री से डरे हुए नहीं हैं'

Lal krishna advani deserves to be president of India says Nitin Gadkari

भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के काम करने के तरीके की भी सराहना की और कहा कि वह सभी मंत्रियों के विचार सुनते हैं और उसमें से कुछ को स्वीकार भी करते हैं लेकिन उनकी खुद की मुद्दों और विभागों के बारे में एक समझ है।

उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है कि मंत्री प्रधानमंत्री से डरे हुए हैं। यह मुद्दा छवि बनाम हकीकत और जमीनी सच्चाई बनाम अनुमान का है। प्रधानमंत्री हर मुद्दे तक पहुंच जाते हैं। इसी वजह से विभाग के सचिव उनसे डरे रहते हैं।

आगामी बजट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार धन की कमी से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि जब भी मैं जेटली जी के पास जाता हूं और उनसे अपने मंत्रालयों के लिए अधिक राशि मांगता हूं तो वह कहते हैं कि मौजूदा योजनाओं के लिए भी सरकार के पास धन का अभाव है। स्वाभाविक तौर पर अर्थव्यवस्था को कड़वी दवा की जरूरत है. क्योंकि कड़वे घूंट से ही स्वास्थ्य सुधर सकता है।

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