'मां का दूध पिया है तो संघ पर बैन लगवाएं आजम'
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने प्रदेश की सपा सरकार के कबीना मंत्री आजम खां को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्होंने मां का दूध पिया है तो आरएसएस पर प्रतिबंध लगवाकर दिखाएं।
सोमवार को सुबह सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. वाजपेयी ने कहा कि वे लोग संघ पर प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं जिनकी सरकार आतंकवादियों की रिहाई की पक्षधर रहती है।
उन्होंने कहा कि आजम खां के पैर मुस्लिम समाज में उखड़ रहे हैं। अमर सिंह को सपा में आने से वह रोक नहीं पा रहे हैं इसलिए बौखलाहट में अमर्यादित, असंगत और अलोकतांत्रिक बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे ज्यादा से ज्यादा बयान देकर वह अपना नाम गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराना चाहते हैं।
मनोज मिश्रा हत्याकांड में पुलिस शक के दायरे में
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के नेतृत्व में सोमवार को फरीदपुर पहुंचे जांच दल में शामिल पूर्व डीजीपी ब्रजलाल ने पूरे मामले की पड़ताल अपने स्तर से करने के बाद अपना निष्कर्ष मीडिया के सामने रखा। उनके साथ रिटायर्ड आईजी उमानाथ सिंह भी थे।
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ब्रजलाल ने फरीदपुर थाने के दरोगा मनोज
मिश्रा की हत्या में पुलिस की कहानी को संदिग्ध करार दिया है। सोमवार को
उन्होंने मौका मुआयना और पुलिस का फाइलें देखने के बाद कहा कि हत्या का
संदेह पुलिस पर भी जा रहा है इसलिए इसकी जांच सीबीआई से करानी जरूरी है,
तभी सच्चाई सामने आ सकेगी।
टीम ने सोमवार को फरीदपुर थाने में दरोगा हत्याकांड से संबंधित रिकार्ड देखा। थाना कैंपस का वह क्वार्टर भी देखा, जिसमें मनोज मिश्रा रहते थे। इसके बाद घटनास्थल पर जाकर मुआयना किया।
पूर्व डीजीपी ने कहा कि उनकी जांच में ऐसे तथ्य मिले हैं, जिससे पुलिस की पूरी कहानी संदिग्ध नजर आती है। बहुत सारे पहलू ऐसे हैं जो पुलिस की भूमिका पर उंगुली उठाते हैं, इसीलिए सही तथ्य सामने लाने के लिए इस मामले की सीबीआई जांच जरूरी हो जाती है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि दरोगा की हत्या में पुलिस ही फंसती दिख रही है, क्योंकि मनोज पशु तस्करों के खिलाफ अभियान चलाए हुए थे। अब जांच दल की रिपोर्ट मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंप कर उनसे सीबीआई जांच के लिए केंद्र को संस्तुति करने की मांग करेंगे, अगर मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करते हैं तो मनोज मिश्रा के परिजनों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच का अनुरोध किया जाएगा।
पार्टी इस मामले में 11 दिसंबर को लखनऊ में धरना भी देगी। जांच के दौरान मनोज मिश्रा के पिता श्याम बिहारी मिश्रा और भाई सर्वेश मौजूद रहे।
यह थी पुलिस की कहानी
विवेचना करने वाली फरीदपुर थाने की पुलिस का कहना था कि मनोज मिश्रा पशु तस्करों के गुजरने की सूचना पर बिकनापुर गांव जा रहे थे। तभी गांव के बाहर पुलिया पर तस्करों ने घेरकर गोली चला दी, जिससे मनोज मिश्रा की मौत हो गई।
यह सवाल का जवाब पुलिस अभी तक नहीं दे पाई है कि आखिर मनोज मिश्रा के साथ चल रहे पुलिस कर्मी इतनी बड़ी सूचना के बावजूद असलहे लेकर क्यों नहीं गए थे और न ही उनमें से किसी के चोट आई।