मुंबई के गुनाहगार लखवी की रिहाई के आदेश
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मुंबई हमलों के आरोपी कुख्यात आतंकी जकीउर रहमान लखवी की गिरफ्तारी को पाकिस्तान एक अदालत ने गैरकानूनी करार दिया है। अदालत के फैसले के बाद लखवी का रिहा होना लगभग तय हैं।
उल्लेखनीय है कि कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के बाद आशंका जताई जा रही थी कि पाकिस्तान सरकार जकीउर रहमान लखवी को रिहा कर सकती है।
पाकिस्तान की इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने उस आशंका को सही साबित कर दिया है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 26 नवंबर 2008 के मुंबई हमले के मास्टर माइंड लखवी की गिरफ्तारी के आदेश को निरस्त कर दिया है। मुंबई हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी।
फरवरी, 2009 से जेल में बंद है मुंबई हमलों का गुनाहगार
शुक्रवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नूर उल हक ने लखवी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उसने तीसरी बार हिरासत में रखे जाने के आदेश को निरस्त किए जाने के अपील की थी। नूर उल हक ने याचिका स्वीकार करने के साथ ही लखवी को रिहा करने का आदेश भी दे दिया।
मुंबई हमलों की साजिश रचने के आरोप में लखवी समेत 6 संदिग्ध फरवरी, 2009 से हिरासत में हैं। पाकिस्तान की निचली अदालत ने पिछले साल दिसंबर महीने में लखवी को जमानत दे दी थी। हालांकि भारत सरकार ने फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया था, जिसके बाद पाकिस्तान की सरकार ने उसे रिहा नहीं किया था।
शांति भंग की आशंका के आरोप में उसकी हिरासत की अवधि बढ़ा दी गई थी। पाकिस्तान सरकार ने उस समय कहा था कि लखवी की जमानत के विरोध में वह उच्च न्यायलय में अपील करेगी। हालांकि अब उच्च न्यायालय ने ही लखवी को रिहा करने का आदेश दिया है।
पेशावर हमले के दो दिन बाद मिली थी लखवी को जमानत
पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी की विशेष जांच इकाई ने लखवी और उसके 6 सहयोगियों के खिलाफ 2009 में एफआईआर दर्ज की थी। 16 दिसंबर के पेशावर हमले के दो दिन बाद ही उसे जमानत दी गई, जिसका भारत समेत कई देशों ने कड़ा विरोध किया।
उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर, 2014 को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर हुए हमले में 145 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 132 बच्चे शामिल थे। पाकिस्तान सरकार ने उसके बाद लखवी को शांतिभंग के आरोप में एक बार फिर हिरासत में ले लिया। हालांकि 29 दिसंबर को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने हिरसत के आदेश को मुल्तवी कर दिया। मामले में पाकिस्तान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जहां 7 जनवरी को हिरासत के आदेश को बहाल कर दिया गया।
पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के मुताबिक लखवी की जमानत के विरोध में पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की हुई है, हालांकि अभी तक उस याचिका पर सुनवाई नहीं हुई है। लखवी की याचिका पर आदेश देते हुए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने उसकी हिरासत को गैरकानूनी करार दिया है।