हिरासत में ही रहेगा लखवी, पुराने मामले पर कस रहा शिकंजा
26/11 मुंबई हमलों के मास्टर-माइंड जकी-उर-रहमान लखवी फिलहाल हिरासत में ही रहेगा। पाकिस्तान की एक अदालत ने लखवी से जुड़ा एक छह साल पुराना मामला फिर से खोल दिया है। इससे पहले पाकिस्तान की अदालत ने लखवी की हिरासत को निरस्त करने के आदेश दिए थे। पाक अदालत के इस कदम की भारत सरकार ने तीखी आलोचना की थी।
बताया जा रहा है कि लखवी को अपहरण के छह साल पुराने मामले में फिर से हिरासत में लेने की तैयारी चल रही है। लखवी फिलहाल तीन महीने की हिरासत में है और इस मामले के फिर से खुलने के बाद लखवी के बाहर आने की गुंजाइश कम होती दिख रही है।
लखवी पर मुंबई हमलों की योजना बनाने और उसको अंजाम देने का आरोप लगा था। पाकिस्तान की अदालत में लखवी मामले पर काफी दिनों से सुनवाई चल रही थी, लेकिन ढुलमुल सुनवाई के चलते पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधरक अदालत ने उसकी रिहाई के आदेश दे दिए थे। हालांकि भारत सरकार के कड़े एतराज के बाद पाक सरकार ने इस मामले पर थोड़ी बहुत सक्रियता दिखाई थी और भारत को ठोस आश्वासन भी दिया था।
भारत ने पाक उच्चायुक्त को किया था समन
भारत ने इस मामले पर पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित को समन किया था। विदेश सचिव सुजाता सिंह ने पाक उच्चायुक्त को समन कर इस मामले पर गहरी चिंता जाहिर की।
मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद निरोधक अदालत द्वारा जकी-उर-रहमान लखवी की रिहाई के आदेश दे दिए गए जबकि यह बात जगजाहिर है कि लखवी मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल था।
भारत सरकार ने कहा था कि पाकिस्तान का यह कदम दो देशों के रिश्तों को बिगाड़ने का काम कर सकता है। भारत के एतराज के बाद पाकिस्तानी सरकार ने इसे तकनीकी खामी बताते हुए भरोसा दिलाया था कि लखवी की जमानत के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।