फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Lady requested to kejriwal for her daughter

केजरीवाल जी! मेरी बेटी की जान बचाओ

Mon, 06 Jan 2014 08:24 AM IST
कुशाग्र मिश्रा/कौशांबी
कुशाग्र मिश्रा/कौशांबी Updated Mon, 06 Jan 2014 08:24 AM IST
विज्ञापन
Lady requested to kejriwal for her daughter

‘केजरीवाल जी! मेरी बेटी की जान बचाओ’ ये लफ्ज थे दिल्ली से गिरनार अपार्टमेंट पहुंची रुखसाना के। वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पर अपनी बेटी का इलाज कराने की गुहार लेकर आई थी।

विज्ञापन


उसकी छह वर्ष की मासूम बेटी अक्सा का लिवर बढ़ा हुआ और जिस अस्पताल में भर्ती कराया था, वहां कहा गया कि किसी प्राइवेट अस्पताल में जाकर इलाज कराओ।

दिल्ली की संजय कालोनी में रुखसाना पत्नी अफरोज रहती है। अफरोज मजदूरी का काम करता है और उसकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपनी बेटी का इलाज प्राइवेट अस्पताल में करा सके।
विज्ञापन


रविवार को अफरोज काम पर गया था और रुखसाना जैसे-तैसे दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर पहुंची। उसने बताया कि अगर जल्द ही बेटी के बढ़े हुए लिवर का इलाज नहीं हुआ तो लिवर फेलियर की स्थिति बन सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रुखसाना ने बताया कि बेटी को दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां कुछ दिन भर्ती रखने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि वे इलाज नहीं कर सकते हैं, इसे किसी प्राइवेट अस्पताल में ले जाओ।

आंखों में उम्मीद की किरण लेकर वह केजरीवाल के घर पहुंची थी, लेकिन उसकी मुलाकात नहीं कराई गई। वह काफी देर तक गिरनार अपार्टमेंट के गेट पर बैठी रही।

सुबह अरविंद केजरीवाल के दिल्ली रवाना होने बाद उसे भी वापस लौटना पड़ा। बहरहाल, ‘आप’ के वालेंटियर्स ने रुखसाना की अर्जी ले ली है। उसे आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही उसकी बेटी का इलाज शुरू किया जाएगा।

प्राइवेट में नहीं करा सकते हैं इलाज
रुखसाना ने बताया दिनभर की मजदूरी में बड़ी मुश्किल से घर चलाने लायक ही कमाई हो पाती है। प्राइवेट अस्पताल बड़ा खर्च बताते हैं। उसकी इतनी हैसियत नहीं है कि वह प्राइवेट अस्पताल में बेटी का इलाज करा सके।

लिवर बढ़ने के कई कारण हैं
लिवर बढ़ने की कई वजह हो सकती हैं। इनमें इंफेक्शन, हेपेटाइटिस, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, जेनेटिक डिसआर्डर, ट्यूमर-सिस्ट, लिवर की मुख्य नसों में ब्लॉकेज और लिवर की छोटी नसों में ब्लॉकेज हो सकता है।


अगर लिवर बढ़ने का इलाज समय पर नहीं हो तो लिवर फेल होने की स्थिति भी बन सकती है। इसका एकमात्र उपाय लिवर ट्रांसप्लांट ही है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन भार्गव ने बताया कि लिवर बढ़ने के कारण पर इलाज निर्भर करता है। दवाओं से भी ठीक हो सकता है और लिवर ट्रांसप्लांट की स्थिति भी बन सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed