आगरा: जेल में महिला बंदी ने फांसी लगाकर जान दी
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आगरा जिला जेल में गुरुवार सुबह करीब छह बजे महिला बंदी सपना (20) ने आत्महत्या कर ली। उसे तीन दिन पहले ही निरुद्ध किया गया था। उस पर रिश्ते के देवर सर्वेश (18) के साथ मिलकर सगे देवर की हत्या करने का आरोप था।
चित्राहट के गांव नगला सुरई में किसान फूल सिंह के दो बेटों में छोटे बृजमोहन (10) की हत्या सोमवार को हुई थी। उसे मोंगरी (जिससे धोते समय कपड़े पीटते हैं) से पीटकर मारा गया था। शव चारपाई पर मिला।
उसकी भाभी सपना (पत्नी रवि) की साड़ी पर खून के छींटे मिलने पर गिरफ्तार की गई थी। उससे मिली जानकारी पर सर्वेश पकड़ा गया। वहभी जेल में है। पुलिस के मुताबिक जमीन बंटवारे की अपनी जिद पूरी न होने पर सपना ने बृजमोहन की हत्या की।
दुपट्टे को फंदा बनाकर लगाई फांसी
जेल के सूत्रों की मानें तो कई महिला बंदियों ने देवर की हत्या करने पर उसे भला-बुरा कहा। क्षुब्ध होकर उसने खुदकुशी कर ली। घटना तब हुई जब महिला बैरक की सफाई के लिए बंदियों को बाहर निकाला गया। ड्यूटी पर तैनात बंदीरक्षक वहां नहीं थे।
सपना सीधे स्विच रूम पहुंची। छह फुट जंगले से दुपट्टा बांधकर फंदा बनाया और फांसी लगा ली। महिला बंदियों को पता चला तो उन्होंने शोर मचाया। सपना को एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बाद में डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ मौका मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने बंदीरक्षकों की लापरवाही की जांच के आदेश दिए। जेल सूत्रों ने बताया कि इस मामले में प्रधान बंदीरक्षक पर कार्रवाई की जा सकती है। उसके खिलाफ रिपोर्ट भेज दी गई है।