चेक जालसाज 'लड्डू बाबा' की लाखों की संपत्ति कुर्क
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पूर्वोत्तर रेलवे के दो चेक की जालसाजी कर 16 करोड़ रुपये उड़ाने वाले बस्ती के राकेश मिश्रा उर्फ लड्डू बाबा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की जांच में तेजी आ गई है।
निदेशालय की इलाहाबाद इकाई ने लड्डू बाबा की करीब 94 लाख रुपये की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। जालसाजी में शामिल करीब पांच फर्मों और सात अन्य लोगों के खिलाफ भी जांच शुरू की गई है।
बताते हैं कि पूर्वोत्तर रेलवे ने वर्ष 2008 में 14 करोड़ रुपये के चेक आरबीआई के लिए जारी किए लेकिन यह रकम संबंधित खाते में पहुंचने के बजाए एक दूसरी फर्म के खाते में पहुंच गई। एसबीआई के चेक से 1.84 करोड़ रुपये भी जारी किए गए खाते के बजाए गलत खाते में चले गए। दोनों घटनाओं की सीबीआई ने जांच कर रिपोर्ट भी दर्ज की लेकिन रकम की बरामदगी नहीं हो सकी।
चेक स्कैन कर उड़ाई रकम
बाद में जांच प्रवर्तन निदेशालय को मिली। अरसे से सुस्त गति से चल रही जांच में तेजी आ गई है। बताते हैं कि इलाहाबाद उप क्षेत्रीय कार्यालय खुलने के बाद प्रवर्तन अफसरों ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत राकेश मिश्रा के लखनऊ में स्थित मकान, जेवर और नगदी की कुर्की कर ली है।
रकम का मूल्यांकन वर्ष 2008 के आधार पर किया गया है। चार करोड़ रुपये की संपत्ति पहले कुर्क हो चुकी है। शेष रकम के लिए लड्डू बाबा की अन्य संपत्तियों की जांच में भी तेजी लाई गई है।
चेक स्कैन कर उड़ाई रकम
सूत्र बताते हैं कि बैंक के कर्मचारी की मिलीभगत से लड्डू बाबा चेक को स्कैन करता था। इसके बाद कंप्यूटर की मदद से हस्ताक्षर को छोड़कर भुगतान पाने वाले खाताधारक का नाम और खाता नंबर बदल दिया।
उसका नाम सामने न आए, इसके लिए उसने कुछ फर्मों और व्यक्तियों को जोड़ लिया। इन्हीं खातों में रकम गई। मदद के लिए सात अन्य व्यक्ति भी उसने जोड़े। प्रवर्तन निदेशालय के सूत्र बताते हैं कि चेक में जालसाजी को लेकर वह एक मामले में जेल भी जा चुका है।