कुर्ते में अफ्रीकी राष्ट्राध्यक्ष, नया नहीं ये आइडिया
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में नई दिल्ली में इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट का आयोजन हो रहा है। उसकी तैयारियों में जुटे विदेश मंत्रालय फोरम में शामिल अफ्रीकी मुल्कों के दूतावासों को एक पत्र भेजा है। पत्र में विदेश मंत्रालय ने जो जानकारी मांगी है, उसे जानकर आपको आश्चर्य हो सकता है।
दरअसल सभी अफ्रीकी दूतावास से उनके राष्ट्राध्यक्षों के कुर्ते की नाप मांगी गई है। इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट में 54 मुल्कों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय से सम्मेलन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी के साथ सभी राष्ट्राध्यक्षों का एक फोटो सत्र रखा है।
मंत्रालय की योजना है कि उस फोटो सत्र में प्रधानमंत्री समेत सभी राष्ट्राध्यक्ष कुर्ता पहनें। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सभी राष्ट्राध्यक्षों के लिए आधी बांह के कुर्ते और चूड़ीदार पायजामे का ऑर्डर किया जाना है।
नया नहीं है स्थानीय पहनावे का ये आइडिया
उल्लेखनीय है कि आधी बांह का कुर्ता और चूड़ीदार पायजामा प्रधानमंत्री मोदी के प्रिय पहनावों में शामिल है। इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट का आयोजन 26 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक दिल्ली में होना। अफ्रीकी राष्ट्राध्यक्षों के लिए कुर्ते पहनाने के आइडिया पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मोहर लगा दी है।
इंडियन एक्सप्रेस ने विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि कुर्ते में अफ्रीकी राष्ट्राध्यक्षों का फोटो सत्र सम्मेलन का प्रमुख कार्यक्रम होगा। हालांकि मोदी सरकार का ये आइडिया नया नहीं है। इससे पहले भी कई मुल्कों में आयोजित हुए सम्मेलनों में अन्या देशों के राष्ट्राध्यक्ष स्थानीय पहनावे में दिख चुके हैं।
2011 में इंडोनेशिया में हुए इस्ट एशिया देशों के सम्मेलन में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत सभी राष्ट्राध्यक्षों ने इंडोनेशियाई रिवाज के कपड़े पहने थे। 2014 में बीजिंग में हुए एपेक सम्मेलन में शामिल राष्ट्राध्यक्षों ने चीनी परंपरा के कपड़े पहने थे।