विश्नोई पर भारी पड़ गई 15 मिनट की देरी
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हजकां प्रमुख कुलदीप विश्नोई पर महज 15 मिनट की देरी भारी पड़ गई। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के लिए तय वक्त पर नहीं पहुंचने के कारण विश्नोई को पार्टी मुख्यालय का चक्कर लगाकर लौट जाना पड़ा।
दरअसल, विश्नोई के पार्टी मुख्यालय पहुंचे से दो-तीन मिनट पहले शाह चुनाव समिति की बैठक में व्यस्त हो गए थे। करीब 15 मिनट के इंतजार के बाद विश्नोई को बैरंग लौटना पड़ा। इस मुलाकात में ही हरियाणा विधानसभा चुनाव में हजकां-भाजपा गठबंधन पर अंतिम फैसला होना था।
माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर दोनों की एक दो दिन में मुलाकात हो सकती है। हालांकि दोनों दलों के बीच गठबंधन बने रहने की संभावना बेहद कम है। लोकसभा चुनाव में जबर्दस्त जीत हासिल करने वाली भाजपा चाहती है कि हजकां न केवल पहले के समझौते के मुताबिक मुख्यमंत्री पद का दावा छोड़े, बल्कि 45 की जगह 20 से 25 सीटों पर ही मान जाए।
अमित शाह ने दिया था वक्त
शाह ने विश्नोई को दोपहर एक बजे का समय दिया था। मगर विश्नोई जब वहां पहुंचे तो सवा एक बज चुके थे। सूत्रों ने बताया कि बैठक में ही शाह को विश्नोई के पहुंचने की सूचना दी गई, मगर उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
फिर चर्चा थी कि दोनों नेताओं की मंगलवार को शाम में ही मुलाकात हो सकती है। मगर मुलाकात का कार्यक्रम नए सिरे से तय नहीं होने के कारण विश्नोई देर शाम हरियाणा के लिए रवाना हो गए। इससे यह संकेत गया है कि शाह खुद विश्नोई से मिलने के प्रति उत्सुक नहीं थे।
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव साथ-साथ लड़ने के बाद हरियाणा में हजकां-भाजपा गठबंधन के खत्म होने की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
आम चुनाव में राज्य की सात सीटों पर कब्जा करने वाली भाजपा अब न तो पुराने फार्मूले के तहत हजकां को मुख्यमंत्री पद देना चाहती है और न ही 45 सीटें। पार्टी ने अध्यक्ष रामबिलास शर्मा के जरिए विश्नोई को इस आशय का संकेत पहले ही दे दिया है।