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कांग्रेस नेता की कारस्तानी, पत्नी को बताया नौकरानी

Wed, 28 Aug 2013 12:39 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 28 Aug 2013 12:39 PM IST
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kpcc secretary turns his wife into widow for bda site

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव ने बैंगलोर में जमीन लेने के लिए अपनी पत्नी को विधवा बता दिया और अपनी बेटी को कुली।

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सचिव सी ननजप्पा की पत्नी ने बैंगलोर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के पास 20x30 स्क्वायर फीट की जमीन के लिए आवेदन किया है। इसमें उन्होंने खुद को विधवा और नौकरानी बताया है।
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टीओआई की खबर के मुताबिक बीडीए के पास बनशंकरी तीसरी स्टेज जमीन आवंटन की विचाराधीन सूची में के सुंगधमा का नाम है जिन्हें स्वर्गीय ननजप्पा की पत्नी बताया गया है। सुंगधमा ने खुद को नौकरानी बताते हुए अपना वेतन 18 हजार रुपए बताया है।
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यह जमीन होसाकरेहल्ली (hosakerehalli) की झुग्गियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए आवंटित की जा रही है। इसके लिए बनशंकरी को चुना गया है। इसमें सचिव के परिवार ने खुद को लाभार्थी बताया है। ननजप्पा को कर्नाटक के एक पूर्व मुख्यमंत्री का करीबी भी माना जाता है।

बेटियों ने भी दी झूठी जानकारी
इस सूची में ननजप्प की बेटियों के नाम भी हैं। उन्होंने भी अपने बारे में गलत जानकारी दी है। ननजप्पा की चार बेटियों में से सबसे छोटी बेटी एस एन लक्ष्मी इस समय एक जानेमाने कॉलेज में एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने भी बीडीए में 20x30 स्क्वायर फीट की जमीन के लिए आवेदन किया है और खुद को 18 हजार से कम वेतन पाने वाली गार्मेंट वर्कर बताया है।

लक्ष्मी ने अपने दादा के नाम को पिता के नाम के तौर पर इस्तेमाल किया है।

ननजप्पा की तीसरी बेटी एस एन ममता विदेश में पढ़ती हैं और उन्होंने भी खुद के गार्मेंट वर्कर होने और 15 हजार वेतन पाने की जानकारी दी है।

दस्तावेज के मुताबिक ननजप्पा की सबसे बड़ी बेटी एस एन जयश्री ने भी खुद को पांच हजार रुपए वेतन पाने वाली कुली बताते जमीन के लिए आवेदन दिया है जबकि वह राज्य सरकार में अंडर सेक्रेटरी स्तर की अधिकारी हैं।

झुग्गियों की अगुवाई कर खुद का पहुंचाया फायदा
यह मामला साल 2004-05 का है जब होसाकरेहल्ली की झुग्गियों को हटाया गया था। तब कहा जा रहा था कि ननजप्पा वहां रहने वाले लोगों की अगुवाई कर रहे हैं और उन्होंने अपने परिवार को ही लाभार्थी बना दिया।


ननजप्पा ने मंगलवार को इन आरोपों से इंकार करते हुए इसे राजीनितक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि बहुत समय पहले जमीन के लिए आवेदन किया था लेकिन गलत जानकारी नहीं दी थी।

इसके अलावा पहले ननजप्पा पर धोखाधड़ी का एक मामला भी दर्ज किया गया था। उन पर साल 2005 में छह लोगों से बीडीए की जमीन दिलावने के नाम पर 60 लाख रुपए लेने का आरोप है।


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