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जानिए, भारत रत्न को क्या-क्या मिलता है?

Mon, 29 Dec 2014 04:09 PM IST
Updated Mon, 29 Dec 2014 04:09 PM IST
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Bharat Ratna Awards - Facilities provided to Bharat Ratna Recipients

भारत रत्न पाने वालों को भारत सरकार की ओर से सिर्फ़ एक प्रमाणपत्र और एक तमगा मिलता है। इस सम्मान के साथ कोई रकम नहीं दी जाती। इसे पाने वालों को सरकारी महकमे सुविधाएं मुहैया कराते हैं। उदाहरण के तौर पर भारत रत्न पाने वालों को रेलवे की ओर से मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है।

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भारत रत्न पाने वालों को अहम सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए न्यौता मिलता है। सरकार वॉरंट ऑफ़ प्रिसिडेंस में उन्हें जगह देती है। जिन्हें भारत रत्न मिलता है, उन्हें प्रोटोकॉल में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, पूर्व राष्ट्रपति, उपप्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा स्पीकर, कैबिनेट मंत्री, मुख्यमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नेता के बाद जगह मिलती है।

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क्या सुविधाएं मिलती है?

Bharat Ratna Awards - Facilities provided to Bharat Ratna Recipients

वॉरंट ऑफ़ प्रिसिडेंस का इस्तेमाल सरकारी कार्यक्रमों में वरीयता देने के लिए होता है। राज्य सरकारें भारत रत्न पाने वाली हस्तियों को अपने राज्यों में सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। मसलन दिल्ली सरकार डीटीसी बसों में उन्हें मुफ़्त सफ़र करने की सुविधा देती है।

ये पुरस्कार पाने वाले अपने विज़िटिंग कार्ड पर यह लिख सकते हैं, 'राष्ट्रपति द्वारा भारत रत्न से सम्मानित' या 'भारत रत्न प्राप्तकर्ता'। सबसे पहला भारत रत्न सी राजागोपालाचारी को दिया गया था। 25 दिसंबर को अटल बिहारी बाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न का सम्मान दिया जाएगा।

कैसा होता है भारत रत्न

Bharat Ratna Awards - Facilities provided to Bharat Ratna Recipients

भारत रत्न एक तांबे के बने पीपल के पत्ते जैसा होता है, जो 59 मिमी. लंबा, 48 मिमी. चौड़ा और 3. मिमी. मोटा होता है। इसमें सामने की तरफ प्लेटिनम से सूरज का चित्र बना होता है। पूरे रत्न की किनारी को प्लेटिनम से बनाया जाता है। भारत रत्न के सामने की तरफ सूरज के चिह्न के साथ हिन्दी में 'भारत रत्न' लिखा होता है। इसके पीछे की तरफ अशोक स्तम्भ का चिह्न बना होता है और साथ में 'सत्यमेव जयते' लिखा होता है।

इसके साथ ही एक सफेद रंग का रिबन भी लगा होता है, ताकि इसे आसानी से गले में पहना जा सके। 1954 में भारत रत्न 35 मिमी. का एक गोल सोने का मेडल था, जिस पर चमकते सूरज के चिह्न के साथ 'भारत रत्न' लिखा होता था और पीछे की तरफ अशोक स्तंभ के साथ 'सत्यमेव जयते' लिखा होता था। हालांकि, इसके साल भर बाद ही इसका डिजाइन बदल दिया गया था।

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किसे दिया जाता है ये रत्न

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यह उपाधि दिसंबर 2011 से पहले तक सिर्फ कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा में कार्य करने वाले लोगों को दिया जाता था, लेकिन दिसंबर 2011 में इसमें संशोधन किया गया। अब भारत रत्न किसी खास क्षेत्र तक सीमित नहीं है। अब किसी भी क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के एक व्यक्ति को उसके काम के लिए भारत रत्न दिया जा सकता है।

कौन देता है भारत रत्न

किसी भी व्यक्ति को भारत रत्न देश के राष्ट्रपति देते हैं। भारत रत्न किसे देना चाहिए, इसके लिए नाम का प्रस्ताव देश के प्रधानमंत्री देते हैं। एक साल में प्रधानमंत्री अधिक से अधिक तीन लोगों को भारत रत्न देने का प्रस्ताव राष्ट्रपति को दे सकते हैं।

नहीं मिलते हैं पैसे

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भारत रत्न सिर्फ एक उपाधि है। इसमें किसी को भी पैसे नहीं दिए जाते हैं। इसमें राष्ट्रपति का साइन किया हुआ एक प्रमाण पत्र दिया जाता है।

दो गैर भारतीयों को मिला है भारत रत्न

अब तक दो ऐसे लोगों को भारत रत्न दिया गया है, जो भारतीय मूल के नहीं थे। इनमें खान अब्दुल गफ्फार खान (1987) और अफ्रीका के नेल्सन मंडेला (1990) हैं।

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