फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   know the traffic rules of various country

नया नहीं ईवन-ऑड नंबर का नियम, पहले आजमा चुके हैं ये देश

Sat, 05 Dec 2015 09:47 AM IST
Updated Sat, 05 Dec 2015 09:47 AM IST
विज्ञापन
know the traffic rules of various country

दिल्ली सरकार ने एक दिन ईवन और एक दिन ऑड नंबर की गाड़ियों को सड़क पर लाने की जिस व्यवस्था की घोषणा की है वह अनोखी नहीं है। इसके पहले भी कई देश ट्रैफिक का लोड और पर्यावरण प्रदूषण कम करने के इरादे से ऐसी व्यवस्थाएं ला चुके हैं।

विज्ञापन


बीजिंग को छोड़कर बाकी देश इस व्यवस्था को लंबे समय तक चला नहीं पाए। पेरिस में यह व्यवस्था कई बार बनी लेकिन स्थाई तौर पर इसका इंप्लीमेंट नहीं हो सका। कई देशों में बड़े आयोजनों के दौरान यह व्यवस्था बनाई गई और उस आयोजन के खत्म होते ही इस नियम को खत्म कर दिया गया।
विज्ञापन


बिजिंग विश्व का एक ऐसा शहर है जहां एक दिन इवन और एक दिन ऑड नंबर की कारों को सड़क पर चलाने वाला नियम अब तक फॉलो हो रहा है। बीजिंग में 2008 से लेकर 2009 तक एक साल के लिए यह व्यवस्था बनाकर यह देखने का प्रयास किया गया था कि इससे ट्रैफिक और पर्यावरण प्रदूषण पर कितना फर्क पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रैफिक व्यवस्था में सिर्फ कारों को शामिल किया गया था। दिन के हिसाब से ईवन और ऑड नंबर तय किए गए थे। यह व्यवस्था सिर्फ शहर के अंदर और पॉस इलाकों के ट्रैफिक के लिए बनाई गई थी। हाइवे और रिंग रोड इस व्यवस्था में शामिल नहीं थे।


ट्रैफिक मैनेजमेंट को यह व्यवस्था अच्छी लगी। chainadaily.com.cn में दिसंबर 2014 में छपी खबर के अनुसार बीजिंग म्यूनिसिपल कार्पोरेशन ने यह पाया कि इस व्यवस्था से न सिर्फ ट्रैफिक की व्यवस्था बेहतर हुई है बल्कि शहर में प्रदूषण का स्तर भी कम हुआ है। बीजिंग के ओलंपिक और एशिया-पैस्फिक इकोनॉमिक्स कार्पोरेशन कांफ्रेंस में भी इस नियम की वजह सड़कों की ट्रैफिक व्यवस्था अच्छी हुई।


लेकिन बीजिंग के ही बहुत से जानकारों का यह भी मत रहा है कि यह व्यवस्था प्रैक्टिकल नहीं है। इसमें लोग अपनी कार अल्टरनेट डेज पर चला सकते हैं और किसी जरूरत होने पर उन्हें नियम तोड़ना पड़ता है। यह व्यवस्था अब तक चल रही है।

और भी कई देश कर चुके हैं प्रयोग

know the traffic rules of various country

सड़कों पर एक दिन ईवन और एक दिन ऑड नंबर प्लेट वाली गाड़ी चलाने का प्रयोग कई देशों में अलग-अलग समय पर हो चुका है। पेरिस में यह व्यवस्‍था कई बार लागू हुई लेकिन यह लगातार अप्लाई नहीं रह सकी। 2014 में आखिरी बार जब इस नियम को बनाया गया तो 24 घंटे के बाद ही इसे नियम को खत्म करना पड़ा।

फिलीपींस में भी ईवन-ऑड नंबर यातायात नियम लागू किया। यह नियम हमेशा के लिए नहीं था। प्रदूषण में रोकथाम के बाद इस नियम को हटा लिया गया। यह एक छोटे समय के लिए बनाई गई व्यवस्‍था थी।

दुबई में भी एक दिन ऑड और एक दिन ईवन का यह रुल बनाया गया। लेकिन वहां भी यह नियम हमेशा के लिए नहीं रहा। न्यूर्याक शहर के कुछ हिस्सों में यह व्यवस्‍था थोड़े समय के लिए लागू की गई।

यह नियम सिर्फ ट्रैफिक के लिए ही लागू नहीं हुआ। अमेरिका में हरीकैन तूफान से कई तेल और गैस के भंडारण तबाह हो गए थे। तब तेल के इस संकठ के दौरान अमेरिका के कई शहरों में लॉन्ग ईवन-ऑड नंबर पॉलिसी के लोगों को तेल दिया गया।

क्या कहता है दिल्ली का का नियम

know the traffic rules of various country

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार ट्रैफिक में एक नया नियम लेकर आई है। इस नियम के तहत दिल्ली की सड़कों पर एक दिन ईवन नंबर प्लेट वाली गाड़ियां चल पाएंगी और एक दिन ऑड नंबर वाली। यह नियम एक जनवरी 2015 से लागू होगा।

इस नए फॉर्मूले के बारे में बताते हुए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव केके शर्मा ने कहा कि उम्मीद है कि इस नए नियम से बहुत हद पर्यावरण प्रदूषण से राहत मिलेगी। ट्रैफिक के इस नए नियम के मुताबिक दिल्ली में एक दिन ऑड नंबर (1,3,5,7,9) की गाड़ियां चलेंगी जबकि दूसरे दिन ईवन नंबर (2, 4, 6, 8) (दो पहिया और चार पहिया निजी वाहनों के आखिरी नंबर) की गाड़ियां ही चलेंगी।

इसके साथ ही सरकार ने ‌कोयले से चलने वाले पावर प्लांट को भी बंद करने का फैसला लिया है। सरकार ने तय किया है कि कोयले से चलने वाले बदरपुर थर्मल पावर प्लांट को बंद किया जाएगा।


केके शर्मा ने बताया कि पावर प्लांट को बंद करने के बाद इस बात की जांच की जाएगी कि इससे प्रदूषण के स्तर में कितनी गिरावट आई है। इसके साथ ही सरकार ने सार्वजनिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए दिल्‍ली में बसों और मेट्रो की संख्या बढ़ाने का फैसला भी किया है। हालांकि सभी राजनीतिक दलों ने इस फैसले को अव्यवहारिक बताते हुए इसकी निंदा की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed