जानिए, कार्टूनिस्ट बाला साहेब ठाकरे के बारे में

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 17 Nov 2012 10:55 AM IST
know about cartoonist bal thackeray
शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे का जन्‍म 23 जनवरी 1926 को पुणे में हुआ। वह अपनी पीढ़ी के गिने चुने नेताओं में से एक हैं, जिनका प्रभाव अभी भी बाकी है। वो उम्र में अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्‍ण आडवाणी से भी बड़े हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि बाला साहेब ठाकरे मूलत: एक कार्टूनिस्ट हैं।

उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत मशहूर अखबार फ्री प्रेस जर्नल में कार्टूनिस्ट के तौर पर शुरू की थी। बाल ठाकरे के राजनीतिक जीवन के बीज तभी पड़ चुके थे, जब उन्होंने साप्ताहिक पत्रिका ‘मार्मिक’ के लिए कार्टून बनाने शुरू किए।

वर्ष 2009 में ‘मार्मिक’ की गोल्डन जुबली मनायी गई थी। उस दौरान बाल ठाकरे द्वारा बनाए गए सामाजिक और राजनीति संबंधी कार्टूनों से जुड़ी एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसके अलावा 1960 के दशक में उनके कार्टून टाइम्‍स ऑफ इंडिया में भी छपा करते थे। बाल ठाकरे अपने समय के राजनीतिक एवं सामाजिक हालातों को बेहद खूबसूरती से कार्टूनों में उकेरा करते थे।

1989 में जब शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ की शुरूआत हुई, तो ठाकरे के कार्टून ‘सामना’ में भी नजर आने लगे। धीरे-धीरे ‘मार्मिक’ की जगह ‘सामना’ ने ले ली। खास तौर पर मराठी मामलों को वे बेहद संजीदगी से उठाते रहे। महाराष्ट्र के राजनीतिज्ञों में यह खौफ रहता था कि बाला साहेब अब उनके बारे में आपने कार्टून में क्या कहने वाले हैं।

‘सामना’ (मराठी) के संपादक संजय राउत कहते हैं कि, ‘हम सामना में बाला साहेब के विचारों पर आधारित कार्टून प्रकाशित करने की कोशिश करते हैं। बाला साहेब को सामाजिक, राजनीतिक, मराठी साहित्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों की गहरी समझ है। इसका प्रभाव उनके कार्टूनों पर भी नजर आता है।

जब अस्‍पताल में 'बिग बी' के लिए कार्टून बनाकर ले गए
वो दिन अमिताभ बच्चन कैसे भूल सकते हैं जब वो खुद कुली की शूटिंग में जानलेवा चोट लगने के बाद ब्रीच कैंडी अस्पताल में मौत से जूझ रहे थे। तब बाला साहेब उनके लिए दुआओं का गुलदस्ता लेकर आए थे। इस हादसे को याद करते हुए अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर लिखा कि फिल्म कुली के वक्त हुए हादसों के दौरान जब मैं जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था, वो मुझसे मिलने अस्पताल आए। मेरे लिए वो एक कार्टून बनाकर लाए थे, जिसमें लिखा था हार गए यमराज। मृत्यु के देवता यमराज मुझसे हार गए थे।

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