फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Kirti Azad replies to BJP notice, targets jaitly and anurag

BJP के आरोपों पर कीर्ति आजाद ने दिया तीखा जवाब

Fri, 01 Jan 2016 06:46 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 01 Jan 2016 06:46 PM IST
विज्ञापन
Kirti Azad replies to BJP notice, targets jaitly and anurag

डीडीसीए में हुई धांधली को लेकर मोर्चा खोलने वाले भाजपा सांसद को पार्टी ने निलंबित किए जाने के बाद बीजेपी ने एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। आजाद ने शुक्रवार को इसका जवाब पार्टी को भेज दिया।

विज्ञापन


पार्टी ने नोटिस जारी करते हुए आजाद को 10 दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया था। शुक्रवार को यह मियाद खत्म हो रही थी जिसकी वजह से आजाद ने पार्टी को अपना लिखित जवाब भेज दिया।
विज्ञापन


नोटिस का कीर्ति आजाद ने न सिर्फ जवाब दिया बल्कि पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया। कीर्ति आजाद ने अपने खिलाफ की गई पार्टी की कार्रवाई को भी गलत बताया। इसके अलावा आजाद ने पार्टी के नेता अनुराग ठाकुर और वित्तमंत्री अरुण जेटली को भी आड़े हाथों लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीडीसीए में भ्रष्टाचार के दिए सबूत

Kirti Azad replies to BJP notice, targets jaitly and anurag

कीर्ति आजाद ने डीडीसीए में हुए भ्रष्टाचार के सबूतों की सीडी भी अपने जवाब में पार्टी को भेजी। इतना नहीं डीडीसीए में हुए घोटालों को लेकर कीर्ति आजाद ने बीबीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर और वित्तमंत्री अरुण जेटली पर भी निशाना साधा।

आजाद ने कहा कि क्रिकेट बोर्ड की प्रशासनिक गतिविधियों को अनुराग ठाकुर प्रभावित करते हैं। उन्होंने एसएफआईओ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में वित्तमंत्री अरुण जेटली के खिलाफ मुकदमा चलाने की बात कही गई है।

गौरतलब है कि इस विवाद में अरुण जेटली का नाम आने के बाद जेटली ने पटलवार करते हुए कहा था कि कीर्ति आजाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ मिलकर मेरे खिलाफ साजिश रच रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व की यूपीए सरकार के दौरान ये दोनों मिलकर मुझे निपटाने की बात कोशिश में लगे थे। इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी आजाद को इस डीडीसीए विवाद को ठंडे बस्ते में डालने के लिए कह चुके थे लेकिन आजाद नहीं माने। इसी के बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed