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कीर्ति आजाद बोले 'मुझे मेरा कसूर तो बताए भाजपा'

Thu, 24 Dec 2015 03:22 PM IST
Updated Thu, 24 Dec 2015 03:22 PM IST
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kirti azad ask party why action has been taken against him
पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद सांसद कीर्ति आजाद ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बाद कही। उन्होंने कहा कि मुझे यह नहीं पता कि किस बात को मुद्दा बनाकर मुझे पार्टी से निलंबित किया गया।
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उन्होंने इस मुद्दे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हस्तक्षेप करने की मांग की। दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले नौ साल से मेरी लड़ाई जारी है और आगे भी जारी रहेगी।
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गुजरात के अहमदाबाद में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए। कीर्ति आजाद ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता 'हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा' के तर्ज पर इस जंग को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के सामने सारी बातें साफ-साफ रख दी थी बावजूद इसके उन्होंने मुझे निलंबित करने का फैसला लिया।
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आडवाणी की दी मिसाल

kirti azad ask party why action has been taken against him

कारण बताओ नोटिस का जवाब मांगे जाने के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मुझे निलंबित करने की कम से कम वजह तो बताएं तब तो मैं उन्हें ठीक जवाब दे पाऊंगा। इसका जवाब देने के लिए बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी उनकी मदद करेंगे।

पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दिखाते हुए कीर्ति ने कहा, 'मैंने 22 साल पार्टी में गुजारे। मेरी इस जंग का पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। यह क्रिकेट में हुए भ्रष्टाचार को खत्म करने की जंग है और किसी भी पार्टी को इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए।'

आम आदमी पार्टी को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आप नई पार्टी है और यह मुद्दा करीब 10 साल पुराना। उन्होंने पार्टी के मार्गदर्शक मंडल के नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से भी इसमें हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आडवाणी पर भी जब आरोप लगे थे तो उन्होंने इस्तीफा देकर पहले जांच करावाई थी उसके बाद वापस आए थे।

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