अमित शाह ने संभाला मोर्चा, कीर्ति आजाद होंगे तलब
देश की राजनीति पर क्रिकेट की सियासत भारी पड़ रही है। बीते 5 महीने में यह दुसरा मौका है जब क्रिकेट की अंदरूनी सियासत ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए मुश्किलें पैदा की हैं।
इस दफे आरोप भाजपा के मिस्टर क्लीन कहे जाने वाले नेता अरुण जेटली पर हैं। संसद का पूरा मानसून सत्र ललित गेट में हंगामे की भेंट चढ़ा था।
तो अब शीत सत्र के अंतिम दिनों में जेटली पर डीडीसीए से जुडे आरोपों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक देश कि सियासत गर्म है। ललित गेट में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भगोड़े पूर्व आईपीएल कमिशभनर ललित मोदी को मदद पहुंचाने का आरोप था।
इस दफे आरोप भाजपा के मिस्टर क्लीन कहे जाने वाले नेता अरुण जेटली पर है। और आरोप भी भाजपा सांसद कीर्ति आजाद की ओर से हैं। आजाद के आरोपों को हाथों हाथ लपकते हुए आम आदमी पार्टी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर डीडीसीए में घोटाले के आरोप लगाए हैं।
आजाद के तेवर जस के तस
जेटली पर आरोप लगते ही भाजपा आलाकमान हरकत में है। पार्टी ने डीडीसीए पर बयान देने वाले अपने सांसद कीर्ति आजाद को तलब कर नसीहत दी है। मगर उनपर नसीहत का असर होता नहीं दिख रहा है। वे अब भी रविवार को पत्रकार वार्ता करने की अपनी जिद पर अडे़ हुए हैं।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल ने गुरूवार सुबह आजाद को बुलाकर मामले पर चर्चा की है। रामलाल के जरिए उन्हें यह समझाइश दी गई है कि वो डीडीसीए के मामले को लेकर कोई भी बयान जारी ना करें। बताया जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सीधे हस्तक्षेप के बजाय रामलाल के जरिये मामले को साधने का प्रयास किया है।
शाह खुद भी आजाद से भेंट कर सकते हैं। चंद महीने पहले भी जब कीर्ति आजाद ने दिल्ली के एक पुलिस थाने में जेटली के खिलाफ मामला दर्ज कराया था तो शाह ने उन्हें तलब कर मामला वापस लेने का दबाव बनाया था। उन्हें नसीहत दी गई थी कि यदि वह मामला वापस नहीं लेते हैं तो उन्हें दल से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
मगर इस दफे आजाद के मंसूबे आर-पार के मूड में हैं। संगठन महामंत्री से मिलने के बाद भी आजाद ने कहा है कि डीडीसीए मामले में अभी 15 प्रतिशत खुलासा हुआ है। शेष 85 प्रतिशत मामले का खुलासा वह खुद करेंगे। अपने इरादे जताते हुए उन्होंने कहा है कि पार्टी यह नहीं कहती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई मत लड़ो।
वैसे भाजपा में मिस्टर क्लीन की पहचान रखने वाले जेटली के बारे में कहा जाता है कि वह पार्टी से भी अपने खर्च का पैसा नहीं लेते हैं। बल्कि पार्टी के कार्यक्रमों में वे अपने खर्च से ही यात्रा और ठहरने का इंतजाम करते हैं।