'नेहरू ने 1962 के चीन युद्ध में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों का अपमान किया'
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने 1962 में भारत-चीन युद्ध में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों का अपमान किया।
रिजिजू ने कांग्रेस पर देश के ‘सच्चे नायक’ सुभाष चंद्र बोस और सरदार वल्लभ भाई पटेल को ‘भूलने’ का भी आरोप लगाया।
सरदार पटेल जयंती समारोह कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चीनियों ने 1962 के युद्ध में उनके गांव पर कब्जा कर लिया और यहां तक कि वे असम तक पहुंच गए थे।
टाटा, बाय-बाय और हमें छोड़ दिया
जबकि नेहरू उस क्षेत्र जो तब नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (एनईएफए) के नाम
से जाना जाता था, के लोगों को आश्वस्त कर रहे थे कि हम आपकी रक्षा करेंगे।
लेकिन नेहरू ने बाद में आकाशवाणी पर चीनियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने की
घोषणा की और कहा कि टाटा, बाय-बाय और हमें छोड़ दिया।
रिजिजू ने कहा कि उस
क्षेत्र के देशभक्त लोग इसका विरोध करते हुए कहा था कि भारत को आत्मसमर्पण
नहीं करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सच्चे इतिहास को
परतों में दबाए रखा, अपनी प्रशंसा करते रहे और देश को सही दिशा में नहीं
लेकर गए।