क्या नतीजों से पहले ही खुद को सीएम मान बैठी हैं किरण बेदी?
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भले ही दिल्ली विधानसभा चुनावों में मतदान और उसके नतीजे आने में अभी वक्त हो। लेकिन भाजपा की मुख्यमंत्री पद की घोषित उम्मीदवार किरण बेदी के अंदाज से ऐसा लग रहा जैसे वो अभी से मुख्यमंत्री बन गई हैं।
चाहे उनके बोलने का अंदाज हो या फिर प्रचार का स्टाइल, सभी मोर्चे पर किरण बिल्कुल मुख्यमंत्री जैसा बर्ताव करती दिखाई दी।
हुआ यूं कि बुधवार को किरण बेदी को नामांकन करना था। जिसके लिए वो घर से निकली और मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने जिस लहजे में बात कि उससे ऐसा लगा जैसे वो मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार नहीं बल्कि दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं।
दिल्ली को लेकर अपनी कार्य-योजना की चर्चा करते हुए किरण बेदी ने एलान किया कि सरकार बनने के बाद उनका पूरा जोर काम करने पर होगा। उन्होंने बताया कि हर विभाग का व्हाइट पेपर निकलेगा।
गृह विभाग होगा मेरे पास: किरण
किरण बेदी यहीं नहीं रूकी, उन्होंने आगे कहा कि सभी विभाग के मंत्री से लेकर अधिकारी तक सभी अपनी जिम्मेदारी को ठीक से निभाएंगे। सुबह 9 बजे से अधिकारी अपने काम में जुट जाएंगे। दिल्ली में खास तौर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए इंडेक्स तय किया जाएगा।
किरण का ये अंदाज मंगलवार को भी नजर आया। जब कृष्णानगर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए किरण ने एलान किया कि सरकार बनने पर गृह विभाग वो अपने पास ही रखेंगी। इसके साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय भी उनके ही पास होगा।
उनके इन बयानों से साफ जाहिर होता है कि आखिर उन्होंने नतीजों से पहले दिल्ली में अपनी सरकार का सपना संजो लिया है। हालांकि उनके इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी की संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले वो मुख्यमंत्री बन जाएं तो ऐसे सपने देखें।
बयानों में दिख रही 'मुख्यमंत्री' की झलक
ये कोई पहला मामला नहीं अगर किरण के भाजपा में शामिल होने के दौरान कही गई बातों पर गौर किया जाए तो उस समय भी उनके अंदाज में एक मुख्यमंत्री की झलक नजर आ रही थी।
उन्होंने उस समय कहा कि उनके पास प्रशासन का लंबा अनुभव है और इसका फायदा उठाते हुए वो दिल्ली के लोगों के साथ मिलकर इसे दुनिया का सबसे विकसित शहर बना सकते हैं। उस समय भी किरण के अंदाज में एक प्रशासक की झलक नजर आ रही थी।
इधर नतीजों से पहले ही किरण के 'सीएम' अंदाज को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। खास तौर से आम आदमी पार्टी ने उन पर निशाना साधा है।
'आप' के नेता आशीष खेतान ने कहा कि वो खुद को मुख्यमंत्री मानकर चल रही हैं। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद वह दिल्ली को कितना समझेंगी। विभागों और इलाकों के बारे में उन्हें कितनी जानकारी है ये देखना दिलचस्प होगा।
'आप' नेता ने आगे कहा कि किरण अगर मुख्यमंत्री बनेंगी तो वो रिसर्च करेंगी। आशीष खेतान ने किरण से सवाल किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद क्या किरण हर विभाग पर ह्वाइट पेपर निकालेंगी?
'आप' के निशाने पर किरण बेदी
आशीष खेतान ने किरण पर निशाना साधते हुए ये भी कहा कि आम आदमी पार्टी को पता को है कि दिल्ली की किस हिस्से में ज्यादा क्राइम होता है। इसके साथ-साथ किस क्षेत्र की क्या जरूरत है इसको लेकर हमारे पेपर तैयार हैं।
फिलहाल 'आप'-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बता दें किरण दिल्ली के कृष्णा नगर सीट से भाजपा की उम्मीदवार हैं। ये सीट भाजपा की सुरक्षित सीटों में से एक है। जहां से भाजपा के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन 1993 से लगातार विधायक रहे।
अभी हर्षवर्धन भाजपा के सांसद हैं और मोदी सरकार में मंत्री भी हैं। उनके केंद्र में जाने के बाद भाजपा ने अपनी सीएम उम्मीदवार किरण को यहां से मैदान में उतारा है। किरण को पता है कि कृष्णानगर सीट पर हर्षवर्धन का कितना दबदबा है। इसीलिए उन्होंने हर्षवर्धन की जमकर तारीफ करते हुए खुद को कृष्णा नगर का केयर टेकर बताया है।
कृष्णा नगर सीट पर किरण का मुकाबला आम आदमी पार्टी के एसके बग्गा और कांग्रेस के बंसीलाल से होगा। बंसीलाल कृष्णा नगर से निर्दलीय पार्षद हैं। वहीं 'आप' के उम्मीदवार एसके बग्गा पेशे से वकील हैं और 40 साल से कांग्रेस में थे।