विकलांगों के लिए कई जगह कैंप लगाए: खुर्शीद
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कैंप नहीं लगाने की बात गलत
कानून मंत्री ने जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर कथित रूप से विकलांगों के कल्याण की सरकारी रकम हड़पने के संगीन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि कैंप नहीं लगाने की बात सरासर गलत है। विकलांगों के लिए कैंप लगाए गए थे। उन्होंने कई कैंपों की तस्वीरें भी दिखाई।
'मैनपुरी के कैंप में मौजूद थे सिंह'
उन्होंने इसके सबूत भी पेश किए कि यूपी सरकार के पूर्व सीडीओ जेबी सिंह उनके ट्रस्ट के कैंप में मौजूद थे। उन्होंने 17 जुलाई 2010 को मैनपुरी में लगे कैंप में सिंह की मौजूदगी की तस्वीर भी दिखाई। खुर्शीद ने कहा कि एटा के कैंप का उद्घाटन खुद मैंने किया था। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद कैंप में अजहरूद्दीन भी मौजूद थे।
खुर्शीद ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल सवाल यह है कि सरकार से मिली रकम विकलांग लोगों पर खर्च की गई या नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार से सिर्फ 71 लाख रुपए मिले थे, हमने 77 लाख रुपए खर्च किए। प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद लुईस खुर्शीद ने कहा कि उनके ट्रस्ट ने 17 ही नहीं 34 कैंप लगाए।
खुर्शीद ने कहा कि उनके ट्रस्ट ने जिन विकलांगों की मदद की है, उनके लिए साइकिल मुहैया कराई गईं हैं। उनमें से एक लाभार्थी रंगी मिस्त्री को भी प्रेस सम्मेलन में लाया गया। मिस्त्री ने कबूल किया कि उन्हें 2 साल पहले सुनने वाली मशीन मिली थी।
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