'खेसारी दाल से बीमारी हुई तो जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी'
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कांग्रेस ने खेसारी दाल के फिर से उपयोग को अनुमति पर एतराज जाहिर किया है। कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने कहा कि 55 साल पहले इस दाल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था क्योंकि इसके उपयोग से लकवा हो जाता है।
अब अगर इस दाल से प्रतिबंध हटाया जाता है तो लोगों के लकवाग्रस्त होने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र दलहन का उत्पादन बढ़ाने में विफल रही।
खतरनाक दाल का सहारा लेना जनविरोधी
लोगों को सस्ता दाल उपलब्ध कराने में भी केंद्र की विफलता जग जाहिर हो चुकी
है। दाल का निर्यात कर दाम घटाने के मोर्चे पर भी केंद्र विफल है।
ऐसे में
खेसारी जैसे खतरनाक दाल का सहारा लेना जन विरोधी कदम होगा। उन्होंने आरोप
लगाया कि प्रोटीन क्रांति और नई हरित क्रांति के दावे फेल हो चुके हैं।
गन्ना किसानों के बकाया 3200 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। चीनी
मिलें बंद पड़ी हैं। कच्चे तेल का दाम घटने पर भी डीजल के दाम नहीं घटाए जा
रहे हैं। इस तरह किसानों की उपेक्षा हो रही है।