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खरखौदा गैंगरेप: बगावती क्यों हुई बेटी, पिता ने बताया

Wed, 15 Oct 2014 11:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ, खरखौदा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ, खरखौदा Updated Wed, 15 Oct 2014 11:04 AM IST
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kharkhauda gang rape victim father statement.

लव जिहाद के बहुचर्चित खरखौदा (मेरठ) प्रकरण में पीड़ित युवती के पिता ने कहा कि उसकी बेटी ने अपने परिजनों से बगावत मुख्य आरोपी कलीम पक्ष के ही सद्दाम के बहकावे में की। बेटी से सद्दाम ने कहा कि जेल में बंद कलीम दीवारों से सिर पीट पीटकर मर रहा है, उसे बचा लो। सद्दाम ने कई दिन तक उसकी बेटी से संपर्क किया और उसे डराया-धमकाया।

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युवती के पिता का कहना है कि तीन अगस्त से लेकर अब तक युवती पर परिजनों द्वारा किसी प्रकार का दबाव नहीं डाला गया। वह जो भी बोल रही है, सद्दाम के दबाव में ही बोल रही है। युवती द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट को भी पिता ने निराधार बताया है। पिता का कहना है कि केस की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए, क्योंकि दूसरे पक्ष के लोग केस को खत्म कराने पर आमादा हैं। पिता का कहना है कि सद्दाम ने उन्हें भी धमकाया कि ज्यादा पैरवी की या विरोध किया, तो इकलौते बेटे और परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
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मंगलवार को परिजनों ने कोर्ट से गुहार लगाई कि उन्हें बेटी से मिलवाया जाए। रविवार को कोर्ट के आदेश पर युवती को नारी निकेतन भेजा गया था। सपा एमएलसी सरोजनी अग्रवाल भी मंगलवार दोपहर सामाजिक संगठन से जुड़ी महिलाओं के साथ नारी निकेतन पहुंचीं। मगर पीड़िता से उनकी भी मुलाकात नहीं हो सकी।

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आज कोर्ट में पेश होंगे आरोपी

kharkhauda gang rape victim father statement.

खरखौदा प्रकरण में कलीम समेत दस लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत ने बुधवार की तारीख इस केस में लगाई है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। फिर कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों की शिनाख्त परेड तथा अन्य कार्रवाई होंगी।

युवती के वकील प्रमोद त्यागी का कहना है कि युवती के 164 के बयान हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि युवती ने सिर्फ इतना कहा कि परिवार वाले परेशान कर रहे हैं, उसने अपहरण और दुष्कर्म के आरोप को खारिज नहीं किया है। मजिस्ट्रेट के सामने युवती को जो कहेगी, उसे ही सही माना जाएगा।

कलीम के अलावा आरोपियों पर चुप्पी क्यों
परिजनों के खिलाफ दिए युवती के एक बयान से तूफान खड़ा हो गया। वहीं, कलीम के पक्ष में बोलने और बाकी आरोपियों के बारे में चुप्पी साधने से सवाल उठ रहे हैं। अहम सवाल ये है कि कलीम के अलावा अन्य आरोपियों का क्या होगा। क्या उन्हें लड़की के बयान का कोई फायदा मिल पाएगा या नहीं। वहीं, पीड़िता के वकील की मानें, तो युवती ने आरोपियों के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया। उसने सिर्फ परिजनों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने कहानी को घुमाया

kharkhauda gang rape victim father statement.

कलीम को बीच में लाकर पुलिस ने पूरी कहानी को घुमा दिया। पुलिस ने मेडिकल कालेज में ऑपरेशन के दौरान कलीम का नाम रजिस्टर में दर्ज होने पर उसे आरोपी बनाया था। युवती का ऑपरेशन 23 से 27 जुलाई के बीच हुआ था, जबकि युवती का अपहरण 29 जुलाई को हुआ। पुलिस ने अपहरण की बात को प्राथमिकता न देकर कलीम के साथ मेडिकल में एंट्री को ज्यादा तवज्जो दी।

भाजयुमो ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए
खरखौदा कांड में युवती के बयानों से पलटने और भाजपा नेता विनीत अग्रवाल शारदा पर लगे आरोपों पर भाजयुमो की बैठक में रोष जताया गया। सूरजकुंड स्थित जिला कार्यालय पर हुई बैठक में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष रोबिन गुर्जर ने कहा कि इस मामले में पुलिस की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है। इसलिए इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पीड़ित युवती के इलाज के लिए भाजपा नेता विनीत शारदा अग्रवाल ने आर्थिक मदद की थी। उन पर ही आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसा है तो सबसे बड़े फाइनेंसर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने राहत के नाम पर मुजफ्फरनगर में एक संप्रदाय के लोगों को दोनों हाथ से पैसे बांटे।

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