खाप पंचायतों को सरकार ने बताया असंवैधानिक
केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को सभी तरह की खाप पंचायतों को असंवैधानिक करार देते हुए राज्य सरकारों से इस तरह की व्यवस्था रोकने के लिए कदम उठाने को कहा।
कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने लोकसभा में कहा कि खाप पंचायतों जैसी कथित अदालतें कानून और संविधान दोनों के विरुद्ध हैं। यह एक बेहद गंभीर मसला है और इस तरह की कथित अदालतों पर रोक लगाने की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल में ऐसी कथित अदालतों का मसला उठाने वाले बीजेडी के रवींद्र कुमार के अनुपूरक सवाल पर गौड़ा ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही सभी राज्यों को नारी अदालत स्थापित करने के लिए पत्र लिखेगी, जिसमें महिलाओं से जुड़े मसलों की सुनवाई होगी।
गौड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार समाज के कमजोर और गरीब तबके को निशुल्क कानूनी सहायता मुहैया कराने के लिए विभाग बनाने को राज्यों को वित्तीय सहायता देने को तैयार है।
'ऐसी अदालतें कानून और संविधान के खिलाफ'
कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा कि कानूनी सेवा प्राधिकरण कानून 1987 के तहत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लोगों, मानव तस्करी के पीड़ितों, महिलाओं, बच्चों, विकलांगों, औद्योगिक मजदूरों को निशुल्क कानूनी सेवा हासिल करने का अधिकार है।
ऑनर किलिंग के खिलाफ विधेयक पर 22 राज्यों का समर्थन
देश में सम्मान के नाम पर हत्या (ऑनर किलिंग) को रोकने के लिए एक विधेयक लाने के कानून आयोग के सुझाव का 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने समर्थन किया है। हालांकि, सरकार ने बृहस्पतिवार को इस बारे में कोई समय सीमा बताने से इनकार दिया।
सरकार ने कहा कि सभी पक्षों से सलाह-मशविरा के बाद फैसला लिया जाएगा। कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने लोकसभा में कहा कि राज्यों के सुझावों के अध्ययन और सभी पक्षों की राय जानने में समय लगेगा। ऐसे में विधेयक के लिए समय सीमा तय नहीं की जा सकती।