फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   khap panchayats decision dictate says supreme court

तानाशाही हैं खापों के फरमान

Tue, 15 Jan 2013 12:21 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 15 Jan 2013 12:21 AM IST
विज्ञापन
khap panchayats decision dictate says supreme court

महिलाओं के लिए तुगलकी फरमान जारी करने वाली खाप पंचायतों को सुप्रीम कोर्ट ने आड़े हाथों लिया है। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि महिलाओं के पहनावे और मोबाइल न रखने का खाप पंचायतों का फरमान गैरकानूनी है। यह तानाशाही है। साथ ही यह मौलिक अधिकारों के भी खिलाफ है। हालांकि खापों ने अदालत में अपने खिलाफ पेश तथ्यों को गलत बताया है।

विज्ञापन


जस्टिस आफताब आलम व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की पीठ ने सोमवार को कहा कि इस तरह की तानाशाही मौलिक अधिकार के खिलाफ है। इससे कानून का उल्लंघन होता है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तमाम खाप पंचायतों के नेता सर्वोच्च अदालत के आमंत्रण पर आज पीठ के समक्ष पेश हुए। पिछली सुनवाई में अदालत ने खापों का पक्ष जानने के लिए सुनवाई को टाल दिया था।
विज्ञापन


इससे पहले यूपी और हरियाणा के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने कहा कि खाप पंचायतें सीधे तौर पर कभी भी ऑनर किलिंग के मामले में शामिल नहीं रही हैं। हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) और यूपी के मेरठ मंडल के पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि खापों ने कई मौकों पर सकारात्मक भूमिका निभाई है। खापों ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ प्रस्ताव जारी किया था। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पीठ ने इस मसले पर खापों को जवाब दाखिल करने के लिए 25 फरवरी तक का समय दे दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत एनजीओ शक्ति वाहिनी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें खापों की ओर से एक जाति और एक गोत्र में विवाह करने वालों की हत्या और परिजनों को परेशान करने पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की अपील की गई है।  


क्या कहा सर्वोच्च अदालत ने---
-आखिर कोई किसी को यह कैसे कह सकता है कि वह मोबाइल न रखे। ऐसे कपड़े पहने और ऐसे न पहने। यह किसी भी तरह से सही नहीं है। साथ ही इससे मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है।  

क्या कहा खाप पंचायतों ने---

- सर्वखाप पंचायत की ओर से कोर्ट में पेश अधिवक्ता जसबीर सिंह मलिक ने कहा कि अदालत के समक्ष खापों के बारे में बहुत ही गलत तथ्य पेश किए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed