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सावधान! बिना चाभी वाली कारों पर है चोरों की नजर

Wed, 29 Oct 2014 08:49 AM IST
डेव ली/टेक्नालाजी रिपोर्टर, बीबीसी
डेव ली/टेक्नालाजी रिपोर्टर, बीबीसी Updated Wed, 29 Oct 2014 08:49 AM IST
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keyless cars on target of thiefs

अगर आप सोचें की आपकी महंगी, बिना चाभी वाली कार सुरक्षित है तो जान लें कि ऐसी कारें चोरों के निशाने पर सबसे ऊपर हैं।

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बिना चाभी वाली (की-लेस) महंगी कारों के बाजार पर नजर रखने वाली एक ब्रितानी संस्था के अनुसार आपराधी गिरोह तकनीकी उपकरणों की मदद से इन कारों के दरवाजे खोलने में काफी कामयाब हैं।

सोसायटी ऑफ मोटर्स मैन्यूफैक्चर्स एंड ट्रेडर्स (एसएमएमटी) ने कार निर्माताओं से अपील की है कि वो कारों में अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।

दरअसल रिमोट से चलने वाली कारों को निशाना बनाकर अपराधी खास उपकरणों से कारों के रिमोट की प्रोग्रामिंग बदल देते हैं।

जगुआर लैंड रोवर की ओर से कहा गया है, "रिमोट से खुलने वाले दरवाजों की सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग को बदल कर कार चोरी के मामले दुनिया भर में बढ़े हैं।"

बढ़ रही है समस्या

keyless cars on target of thiefs

इंग्लैंड में ऐसी कई चोरियों के मामले सामने आए हैं। इन कार मालिकों को बीमा कंपनियों की ओर से कोई मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।

अखबार द टाइम्स की खबर के मुताबिक, एआईजी बीमा कंपनी ने ऐसे ही एक मामले में कार मालिक को मुआवजा देने से इनकार कर दिया। हालांकि बीमा कंपनी ने कहा है कि वो हर मामले की अलग-अलग पड़ताल करती है।

बीमा कंपनियों से मिले आंकड़ों का अध्ययन करने वाली संस्था दैटकैम रिसर्च ने भी माना है कि समस्या लगातार बढ़ रही है।

दैटकैम रिसर्च ने कहा, "बीएमडब्ल्यू और ऑडी पर चोरों की नजर सबसे ज्यादा है। यूरोप में इन कारों को लेकर सबसे ज्यादा चाहत है।"  हालांकि ब्रिटेन में कार चुराना उतना भी आसान नहीं है। पुलिस-प्रशासन की सख्ती की वजह से कार चोरी पर काफी हद तक अंकुश लगा है।

2002 में ब्रिटेन में हर साल तीन लाख से ज्यादा कारों की चोरी होती थी, जो अब 77 हजार सालाना तक आ गई है।

हैरानी की बात यह है कि की-लेस कारों की चोरी की बढ़ती घटनाओं के बावजूद ज्यादातर लोगों का मानना है कि ये कारें ज्यादा सुरक्षित हैं।

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