फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Key Indian businessmen helped secure release of nurses

कैसे छूटी नर्सें, पढ़िए अंदर की कहानी

Sun, 06 Jul 2014 01:42 AM IST
Updated Sun, 06 Jul 2014 01:42 AM IST
विज्ञापन
Key Indian businessmen helped secure release of nurses

इराक में फंसी 46 भारतीय नर्सें भारत पहुंच चुकी हैं। उन्हें विशेष विमान से शनिवार को मुंबई लाया गया। भारतीय नर्सों की वापसी को राजनयिक मोर्चे नरेंद्र मोदी सरकार की पहली सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

विज्ञापन


कंधार मामले में पुरानी राजग सरकार की विफलता के बाद मोदी सरकार सभी की निगाहें थी। नर्सों की रिहाई को मोदी सरकार के लिए चुनौती माना जा रहा था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सक्रियता और भारतीय राजनयिकों की कुशलता से सरकार ने इस चुनौती से आसानी से पार पा लिया।
विज्ञापन


इराक में गृहयुद्घ छिड़ने के बाद से ये नर्सें तिकरित में फंसी हुई थी, लेकिन गुरुवार को आतंकी संगठन आईएसआईएस इन्हें जबर्दस्ती किसी दूसरे ठिकाने पर ले गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो भारतीय व्यापा‌रियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

Key Indian businessmen helped secure release of nurses

भारतीय नर्सों को सकुशल वापस लाने में सऊदी अरब, इराक सहित खाड़ी देशों में संपर्को और दो भारतीय व्यापा‌रियों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। हालांकि सरकार ने नर्सों की रिहाई मामले में विभिन्न पक्षों से हुई बातचीत पर का खुलासा नहीं किया है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक‌, रिहाई बातचीत के जरिए हुई है, किसी भी श्रोत से फिरौती नहीं दी गई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नर्सों की रिहाई के लिए खाड़ी देशों विशेषकर सऊदी अरब और इराक के राजनयिकों से स्वयं संपर्क किया था।

अनौपच‌ारिक चैनलों के जरिए सरकार ने आईएसआईएस और दूसरे विद्रोही संगठनों से भी संपर्क किया था।

आईएसआईएस ने नर्सों से किया बेहतर बर्ताव

Key Indian businessmen helped secure release of nurses

बातचीत में दो मलयाली व्यापारियों ने भी अहम भूमिका निभाई। केरल सरकार द्वारा मदद मांगे जाने के बाद ये व्यापारी खाड़ी देशों के नेताओं के संपर्क में थे।

वहीं, खबर ये भी है कि अपहरण के बाद भी आईएसआईएस के आंतंकियों ने नर्सों के साथ बेहतर बर्ताव किया। केरल के मुख्यमंत्री ओमेन चांडी ने बताया कि आईएसआईएस के आतंकी नर्सों को तिकरित से हटाकर 250 किमी दूर मोसुल ले गए थे, वहां उन्हें भोजन और पानी दिया गया।

उन्होंने बताया‌ कि नर्सों को अपने घर से संपर्क नहीं करने‌ दिया गया लेकिन किसी के साथ बुरे बर्ताव की खबर नहीं है।

सुषमा स्वराज ने की थी खाड़ी देशों से बातचीत

Key Indian businessmen helped secure release of nurses

गुरुवार को‌ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि नर्सो की रिहाई हमारे लिए लड़ाई जीतने जैसा है। हालांकि युद्घ अभी खत्म नहीं हुआ है। हमें उन 39 भारतीयों को भी वापस लाना है जो आईएसआईएस के कब्जे में हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार नर्सों की वापसी के लिए अधिक प्रयासरत थी क्योंकि युद्घ के हालात में उन्हें खतरा अधिक था।

नर्सों की रिहाई के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खाड़ी देशों के नेताओं से फोन पर बात की थी। 1999-2000 में पाकिस्तानी और तालिबानी आतंकियों द्वारा भारतीय विमान के अपहरण और बदले में तीन आतंकियों को छोड़ने के कारण ये मामला सरकार के लिए चुनौती बन गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed