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मोदी-केशुभाई पटेल में मिट सकती हैं दूरियां
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 08 Nov 2013 03:02 PM IST
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एक साल पहले गुजरात में भाजपा से नाराज होकर अलग पार्टी बनाने वाले केशुभाई पटेल अब फिर से भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
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केशुभाई पटेल भाजपा में रहते हुए भी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से दूरी बनाकर रहे। लेकिन अब मोदी का उनसे मिलना भाजपा में शामिल होने के संकेत दे रहा है।
यह संभावना तब और नजर आई जब नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को केशुभाई पटले के जन्मदिन पर भी उनसे मिलने गए।
नरेंद्र मोदी को तवज्जो दिए जाने से भाजपा से कफा चल रहे 83 वर्षीय यह नेता अब गुजरात लोकसभा चुनाव में भाजपा में एकजुटता दिखाएंगे। वह पटेल समुदाय के वोटबैंक के जरिए गुजरात की 26 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करने में भी मदद करेंगे।
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जीपीपी के एक विधायक के मुताबिक पार्टी से केशुभाई समेत कुछ नेता जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे।
केशुभाई ने अगस्त 2012 में भाजपा से अलग होकर गुजरात जनता पार्टी (जीपीपी) बनाई थी और गुजरात विधानसभा चुनाव में दो सीटें जीती थीं। उनकी जगह नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री बनाए जाने से वह पार्टी से कई साल से नाराज चल रहे थे।
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नरेंद्र मोदी की छवि में होगा सुधार
जीपीपी और भाजपा के साथ होने की संभावना इसलिए भी ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि जीपीपी मोदी विरोधी से ज्यादा कांग्रेस विरोधी हो गई थी। वहीं, आरएसएस ने केशुभाई को साल 2012 के गुजरात चुनावों में समर्थन दिया था तो अब वह नरेंद्र मोदी को भी प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन दे रहा है।
केशुभाई का साथ आना नरेंद्र मोदी की छवि में भी सुधार कर सकता है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता के मुताबिक नरेंद्र मोदी से केशुभाई के अलग होने से मोदी की छवि एक आत्मकेंद्रित नेता के तौर पर बन गई थी लेकिन केशुभाई का आना मोदी की सभी को साथ लेकर चलने वाले नेता की छवि बनाएगा।
एक अन्य कारण जीपीपी का सौराष्ट्र में प्रभावी होना भी है, यहां वह भाजपा को आठ सीटों पर नुकसान पहुंचा सकती है।