फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   kejriwal will stage dharna in delhi

पुलिस से बढ़ा टकराव, धरना देंगे केजरीवाल

Fri, 17 Jan 2014 11:21 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Jan 2014 11:21 PM IST
विज्ञापन
kejriwal will stage dharna in delhi

दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार के बीच बढ़ते टकराव को देखते हुए आम आदमी पार्टी सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है।

विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि दो एसएचओ व एक एसीपी को निलंबित करने की मांग पूरी न होने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मंत्रिमंडल और पार्टी कार्यकर्ता गृह मंत्रालय के सामने धरना देंगे। दिल्ली के सियासी इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब राज्य सरकार सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार को चुनौती देगी।

दरअसल, विनोद कुमार बिन्नी की बगावत, सचिवालय पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन और सरकार के मंत्रियों का नाम एक के बाद एक विवादों में आने से दिल्ली सरकार की किरकिरी हो रही है। फिर, विदेशी महिला से गैंग रेप के बाद विपक्ष राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है।
विज्ञापन

दांव पर लगी सरकार की शाख

kejriwal will stage dharna in delhi

भाजपा का केजरीवाल सरकार पर सीधा आरोप कांग्रेस सरकार के नक्शे कदम पर चलने का है। वहीं, दिल्ली पुलिस से मंत्रियों का सामना होने से सरकार की साख दांव पर लग गई है। अब पार्टी की कोशिश पंद्रह दिन की सरकार को इन विवादों से बाहर निकालने की है।

पार्टी रणनीतिकार का मानना है कि आंदोलन से निकली पार्टी के लिए सबसे बेहतर रास्ता आंदोलन ही हो सकता है। केंद्र सरकार अगर मुख्यमंत्री की मांग दरकिनार करती है तो दिल्ली सरकार विरोध प्रदर्शन से दबाव डालेगी।

पार्टी सूत्रों की मानें तो गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के सामने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार सोमवार सुबह तक का इंतजार करेगी। इस बीच अगर तीनों अधिकारियों को निलंबित नहीं किया जाता तो केंद्र सरकार प्रदर्शन के लिए तैयार रहे।

नजीब जंग ने नहीं मानी केजरीवाल की हठ

kejriwal will stage dharna in delhi

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मंत्रियों और पुलिस के बीच शुरू हुई जंग उपराज्यपाल नजीब जंग भी नहीं सुलझा सके।

शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल से मंत्री मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती और राखी बिडलान के साथ ड्रग व सेक्स रैकेट मामला, महिला को कथित तौर पर जलाए जाने और विदेशी महिला के साथ बलात्कार के मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के निलंबन किए जाने की मांग को लेकर मुलाकात की।

बैठक में पुलिस ने इन मामलों में अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल को पेश की। उपराज्यपाल ने मामले को सुनने के बाद पुलिस अधिकारियों के निलंबन की मांग मानने से इनकार किया। हालांकि सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुवाई में जांच के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन

पुलिस अधिकारियों ने की मंत्रियों की शिकायत

kejriwal will stage dharna in delhi

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल साथियों के साथ 11 बजे राजनिवास पहुंचे। बैठक में पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी और विशेष आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) दीपक मिश्रा शामिल हुए। करीब एक घंटे बैठक चली।

सूत्र बताते हैं कि पुलिस अधिकारियों ने मंत्रियों की शिकायत लगाई जिसमें कहा कि कानूनी व्यवस्था के लिए प्रक्रिया जरूरी होती है। मंत्रियों के बातचीत का तरीका गलत था। मामले को सुनने के बाद उपराज्यपाल ने मंत्रियों को इस तरह के कार्य नहीं करने की सलाह दी है।

सूत्र बताते हैं कि बैठक में केजरीवाल व उनके मंत्रियों के अलावा पुलिस के अधिकारियों से भी अलग बातचीत की। बताया जा रहा है कि बैठक में पुलिस आयुक्त की तरफ से अपने अधिकारियों को निलंबित नहीं किए जाने की पैरवी किए जाने के बाद उपराज्यपाल नजीब जंग ने निलंबन से मना कर दिया है।

'पुलिस अधीन हो या न हो, एक्शन लेंगे'

kejriwal will stage dharna in delhi

दिल्ली सरकार में मंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकार और पुलिस के बीच लड़ाई को लेकर कहा है कि पुलिस को हम सुधारेंगे। ये शीला दीक्षित की सरकार नहीं है। आम आदमी पार्टी की सरकार यह एक्सक्यूज लेकर नहीं बैठेगी कि पुलिस उनके पास नहीं है। हम एक्शन लेंगे। ड्रग्स और वेश्यावृत्ति के मामले में 48 घंटे बाद भी वारंट जारी नहीं हुए हैं, न कोई कार्रवाई की गई है।

शिक्षा, पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए। जनता में संदेश जाएगा और पुलिस वालों को भी लगेगा कि शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने का परिणाम क्या हो सकता है। जनता का पुलिस पर से भरोसा उठ गया है। अपराधियों के मन में खौफ पैदा होना चाहिए।

जब तक उपराज्यपाल नजीब जंग की तरफ से जिस जांच के आदेश किए गए हैं, वह पूरी नहीं होती तब तक खिड़की गांव में ड्रग्स व वेश्यावृत्ति रैकेट, सागरपुर में एक महिला को जलाए जाने और पहाड़गंज थानाक्षेत्र में बलात्कार के मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed