'आरोप साबित करें या इस्तीफा दें केजरीवाल'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर लोकसभा चुनाव से पहले अन्य दलों के नेताओं को कथित तौर पर बेईमान करार देकर उनका नाम सार्वजनिक करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुश्किल में पड़ सकते हैं।
भाजपा नेता नितिन गडकरी के बाद अब केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भी केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सिब्बल ने सीधे तौर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा है कि केजरी दो दिनों में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित करें वरना अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही उन्होंने केजरीवाल की ओर से लगाए गए आरोप साबित होने पर राजनीति से संन्यास लेने का भी दावा किया है।
केजरीवाल को मानहानि का नोटिस
सिब्बल ही नहीं भाजपा के महासचिव अनंत कुमार ने भी केजरीवाल को उन्हें खुले तौर पर बेईमान कहे जाने के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेज दिया है।
सिब्बल अल्टीमेटम के दो दिन बीतने के बाद केजरीवाल के खिलाफ अगला कदम उठा सकते हैं।
जबकि गडकरी ने केजरीवाल की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्हें चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर केजरीवाल समस्त मीडिया के समक्ष अपना बयान वापस लें और माफी मांगे नहीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिब्बल ने केजरीवाल को उनके खिलाफ किसी भी भ्रष्टाचार के मामले को पेश करने की चुनौती देते हुए कहा कि वह मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं।
दावों का मांगेंगे सबूत
इस तरह के आरोप पर गुस्से का इजहार करने हुए कानून मंत्री ने कहा कि वे तो केजरीवाल के दफ्तर में जाकर उनसे उनके दावों का सबूत मांगेंगे।
उन्होंने साफ कहा कि ऐसे झूठे और बेबुनियाद आरोपों के सहारे उनके चरित्र पर लांछन लगाने वाले मुख्यमंत्री को वह इस मामले में अदालत तक घसीटने में परहेज नहीं करेंगे।
शुक्रवार को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद में लोकसभा चुनाव के लिहाज से केजरीवाल ने कई बड़े नेताओं को बेईमान बताया था।
इन नेताओं में वित्त मंत्री पी चिदंबरम, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, संचार मंत्री कपिल सिब्बल और नवीन ऊर्जा मंत्री फारुक अब्दुल्ला सहित राहुल गांधी, मुलायम सिंह, मायावती और नितिन गडकरी के नाम शामिल हैं।