'माफी मांगें या 10 करोड़ देने को तैयार रहें केजरीवाल'
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डीडीसीए विवाद मामले में भाजपा ने रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने दिल्ली सरकार से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में वित्त मंत्री अरुण जेटली का नाम न आने का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार पर सस्ती राजनीति करने का आरोप लगाया।
पार्टी ने कहा कि रिपोर्ट आ जाने के बाद या तो केजरीवाल ईमानदारी से अदालत में अपनी गलती स्वीकारते हुए माफी मांगें या फिर मानहानि के तौर पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने के लिए तैयार रहें। गौरतलब है कि पार्टी ने इस तीन सदस्यीय समिति की 15 नवंबर को दी गई रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें जेटली को किसी भी तरह का कसूरवार नहीं ठहराया गया है।
गौरतलब है कि यह रिपोर्ट डीडीसीए मामले में नए सिरे से विवाद शुरू होने के पहले का है। भाजपा प्रवक्ता एमजे अकबर और श्रीकांत शर्मा ने कहा कि डीडीसीए मामले में आप और कांग्रेस दोनों ने झूठे आरोपों की राजनीति की। कांग्रेस की ओर से कराई गई जांच रिपोर्ट में भी वित्त मंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे साबित हुए थे।
'आप' ने गलत नंबर डायल कर दिया
अब आप सरकार की तीन सदस्यीय कमेटी की 15 नवंबर को पेश रिपोर्ट में भी वित्त
मंत्री का कहीं नाम नहीं है। ऐसे में यह साफ हो गया है कि पूरे मामले में
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने झूठे आरोपों की राजनीति की। शर्मा ने कहा कि आप ने
गलत नंबर डायल कर दिया है।
उनके सामने माफी मांगने या फिर 10 करोड़ रुपए
का जुर्माना भरने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। प्रवक्ता अकबर ने कहा
कि जांच रिपोर्ट में कहीं भी वित्त मंत्री अरुण जेटली का नाम नहीं है। हम
पहले ही लगातार कहते रहे हैं कि वह बेदाग हैं।
उन पर झूठे आरोप लगाए गए
हैं। अब केजरीवाल को चाहिए कि वह वित्त मंत्री से माफी मांगे और कोर्ट जाकर
मानहानि को स्वीकार करें। आप अब यह कमजोर तर्क दे रही है कि यह जांच किसी
व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं थी।