केजरीवाल ने करप्शन पर मारी पलटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जब अन्ना हजारे के साथ रामलीला मैदान में जन लोकपाल बिल को लेकर आंदोलन चला रहे थे, तो राजनीति से उनकी नफरत और नेताओं की आलोचना करने का लहजा बेहद तल्ख दिखता था।
जब वह चुनावी राजनीति में उतरे, तो उन्हें जमीनी हकीकत पर खड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कई बार वही कोरी राजनीति करनी पड़ी, जिसकी मुखालफत वो लंबे वक्त से करते आ रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद लोकसभा चुनाव की तरफ बढ़ रहे अरविंद केजरीवाल को अब सीटों की तादाद की अहमियत समझ आ रही है और इसी वजह से मौका और मंच देखकर कई बार मुद्दे बदलने पड़ रहे हैं और कई बार अपने बयान। ऐसा ही एक वाकया सोमवार को पेश आया, जब उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा नहीं है। इससे भी बड़ा मुद्दा कुछ और है।
अब तक भ्रष्टाचार पर खड़ी थी AAP की राजनीति
सुनकर एक बार को शायद यकीन न हो कि आम आदमी पार्टी के संयोजक ने भ्रष्टाचार पर यह बयान खुद दिया है, लेकिन यह हकीकत है। दरअसल, ऐसा इसलिए, क्योंकि भ्रष्टाचार ऐसा मुद्दा है, जिसके चारों ओर केजरीवाल ने अपनी राजनीति खड़ी की है।
भ्रष्टाचार अकेला ऐसा हथियार है, जिसके बूते केजरीवाल कांग्रेस और भाजपा, दोनों पर एकस्वर में हमला बोल लेते हैं। वह राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी को मुकेश अंबानी की जेब में बता सकते हैं और सभी को कटघरे में खड़ा कर सकते हैं।
लेकिन सियासत की अपनी मजबूरियां होती हैं। अरविंद केजरीवाल के बयानों से कुछ ऐसा ही लगता है। सोमवार को उन्हें अपने सबसे मजबूत हथियार भ्रष्टाचार को कुछ वक्त के लिए दूर रख साम्प्रदायिकता का दांव चुनना पड़ा। जाहिर है, भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर हमला बोलने के लिए इससे पैनी तलवार कोई और नहीं हो सकती।
अब साम्प्रदायिकता को बताया सबसे बड़ा
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के सामने खड़ा सबसे बड़ा मुद्दा साम्प्रदायिकता है, जो भ्रष्टाचार से भी ज्यादा अहम है। जाहिर है, आम आदमी पार्टी का मुख्य मुद्दा और राजनीति का केंद्र अब तक करप्शन रहा है।
इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में केजरीवाल ने यह बयान दिया। दर्शकों में मुस्लिम अकादमियों और जानकार मौजूद थे, तो जाहिर है मौका ही ऐसा था कि कुछ कहा जाए।
हालांकि, केजरीवाल ने इस अवसर पर इस बात का जवाब नहीं दिया कि क्या वह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, AAP के दूसरे नेताओं ने मोदी की 'साम्प्रदायिक राजनीति' पर निशाना साधा।
AAP की पहली लिस्ट में मुस्लिम क्यों नहीं?
आम आदमी पार्टी के नेता ने लाइन बदली। अरविंद केजरीवाल ने कहा, "देश के सामने आज भ्रष्टाचार से ज्यादा बड़ा मुद्दा साम्प्रदायिकता है और यह कभी लोगों के आपस में लड़ने से जुड़ा मामला नहीं है।"
उन्होंने कहा, "राजनीतिक दल चुनावी फायदों के लिए लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करती हैं। लेकिन सच यह है कि भाजपा ने कभी हिंदुओं के लिए कुछ नहीं किया और कांग्रेस ने मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं किया।"
हालांकि, केजरीवाल ने साम्प्रदायिकता के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन यह बात सवाल पैदा करती है कि आम आदमी पार्टी की लोकसभा चुनावों से जुड़ी पहली लिस्ट में एक भी मुस्लिम नाम क्यों नहीं है। इसके अलावा उन्होंने मोदी से सीधे मुकाबले पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
आशुतोष का मोदी पर करारा हमला
पूर्व पत्रकार और चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे आशुतोष और विवादित पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती के साथ मौजूद केजरीवाल ने कहा कि मोदी और कांग्रेस 'क्रोनी कैपिटलिज्म' के लिए खड़े हैं।
आशुतोष ने कहा, "उस शख्स पर भरोसा मत कीजिए, जो 13 घंटे में गांधीनगर से पटना धमाकों के पीड़ितों से मिलने पहुंच सकता है, लेकिन कुछ मील दूर गुलबर्ग सोसाइटी तक नहीं जा पाता।"
हालांकि, तीनों नेताओं ने बार-बार कहा कि आम आदमी पार्टी मजहब के आधार पर लोगों को बांटकर नहीं देखती। हालांकि, यह साफ है कि चुनावी मौसम में उनकी बातें अलग हैं और उनके मायने अलग।
मोदी के खिलाफ उतारेंगे मजबूत दावेदारः केजरीवाल
क्या आप मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे, इस पर अरविंद केजरीवाल ने कहा, "यह अभी तय नहीं है कि मोदी चुनाव लड़ेंगे या नहीं। पारंपरिक रूप से कांग्रेस और भाजपा शीर्ष नेताओं के मामले में एक-दूसरे के खिलाफ मजबूत दावेदार खड़े नहीं करती। लेकिन शीला दीक्षित को चुनौती देकर हमने पहली बार यह परंपरा बदली। अब भी हमने अपने वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास को राहुल गांधी के खिलाफ खड़ा किया है।"
जब दर्शकों ने बार-बार कहा कि यह डिमांड पूरी की जानी चाहिए, तो उन्होंने कहा, "मैं आपसे यह वादा जरूर कर सकता हूं कि हम मोदी के खिलाफ मजबूत दावेदार उतारेंगे।"
AAP की सूची में मुस्लिम नाम न होने पर उन्होंने कहा कि सारे नाम सामने आ चुके हैं, ऐसे में शिकायत नहीं बनती। उन्होंने कहा, "हालांकि, पार्टी टिकट बांटते वक्त हमने जाति और धर्म नहीं देखा है।" यह बात और है कि आम आदमी पार्टी के सभी उम्मीदवारों के पीछे जातिगत समीकरण साफ दिखता है।