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केजरीवाल जी-घोटाला हुआ है, आप आवाज उठाएं

Sat, 20 Oct 2012 07:50 AM IST
विजय जैन/नई दिल्ली
विजय जैन/नई दिल्ली Updated Sat, 20 Oct 2012 07:50 AM IST
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kejriwal raises voice against corruption

आधी बाजू की कमीज पहने राजनीतिक दलों पर चोट मारते अरविंद केजरीवाल का अदम्य साहस और अति सक्रियता का ही परिणाम है कि एक के बाद एक घोटाले सामने आने लगे हैं। भले ही उन पर जवाब देने के लिए संबंधित पक्ष भी ठोस अपीलें कर रहे हैं। चाहे वह राबर्ट वाड्रा के खिलाफ लड़ाई हो, सलमान खुर्शीद का इंटरवल या नितिन गडकरी का उत्तरार्ध। इन सब को केजरीवाल की राजनीति का बहुत सुनियोजित हिस्सा माना जा सकता है। अगर केजरीवाल विकलांगों के धरने पर नहीं पहुंचते तो आज तक ऑपरेशन धृतराष्ट्र एक खबर बनकर रह जाता, कभी मुद्दा नहीं बन पाता।

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आज सच्चाई ये है कि केजरीवाल की संस्था इंडिया अगेंस्ट करप्शन ((आईएसी)) के दफ्तर में नेताओं और ब्यूरोक्रेट्स के घोटालों के दस्तावेज आने लगे हैं। इनकी जांच के लिए केजरीवाल ने रिसर्च एंड एनालिसिस विंग का गठन किया है। इस टीम में छह लोग शामिल हैं। इनमें एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, आईआईएम के गेस्ट लेक्चरर, एक आईआईटीयन, एक एडवोकेट, एक जर्नलिस्ट और एक मैनेजमेंट ग्रेजुएट शामिल हैं।
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सभी का नाम गोपनीय रखा गया है पर सभी रहते दिल्ली में ही हैं। रिसर्च टीम फिलहाल एक दर्जन मामलों पर काम कर रही है। आने वाले वक्त में ये सामने आ सकते हैं और मीडिया की सुर्खियां बन सकते हैं। संस्था से जुड़ी अश्वथी मुरलीधरन ने बताया कि हर दिन दर्जनों शिकायतें मिल रही हैं। कुछ लोग निजी तौर पर भी दस्तावेज लेकर दफ्तर आ रहे हैं। रिसर्च टीम को कोई भी मामला सौंपे जाने से पहले आरोप या शिकायत को प्रशांत भूषण, मनीष सिसौदिया और गोपाल राय सुनते या पढ़ते हैं। मामला सच लगने पर ही कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है।
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'अपनों' के खिलाफ भी कराएंगे जांचः केजरीवाल
भ्रष्टाचार के आरोप चाहे किसी पर भी लगे, सबके खिलाफ जांच होनी चाहिए। इसकी शुरुआत खुद से करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हमारे 3 कार्यकर्ताओं अंजिल दमानिया, प्रशांत भूषण और मयंक पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। इनकी जांच के लिए मैं तीन रिटायर्ड जजों का पैनल (आंतरिक लोकपाल) से कहूंगा। अगर जांच में कोई भी कार्यकर्ता किसी भी तरह से दोषी पाया गया तो उसे पार्टी से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने कहा कि हम इस लोकपाल से मांग करेंगे कि वह ज्यादा से ज्यादा 3 महीने में हमारे साथियों पर लगे आरोपों की जांच करे।


किस पर क्या आरोप
1.अंजलि दमनिया पर आरोप है कि उन्होंने खेती की जमीन खरीदने के लिए खुद को गलत तरीके से किसान साबित किया और बाद में जमीन का लैंड यूज बदलवाकर उसे प्लॉट में तब्दील कर बेच दिया। रायगढ़ प्रशासन ने जांच में दमानिया का किसान होने का दावा गलत पाया।
2.सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील और टीम केजरीवाल के अहम मेंबर प्रशांत भूषण पर भी हिमाचल प्रदेश में गलत तरीके से जमीन हासिल करने के आरोप लगाए गए हैं।
3.मयंक गांधी पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने करप्शन के आरोप लगाए हैं।

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