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केंद्र में सियासी पारी की तैयारी में केजरीवाल!

Sun, 15 Feb 2015 08:53 AM IST
एम संजय/अमर उजाला, नई दिल्ली
एम संजय/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 15 Feb 2015 08:53 AM IST
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kejriwal prepare for national politics.

बेशक रामलीला मैदान से लालकिले की दूरी चंद किलोमीटर ही है। लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जता दिया है कि वे इस छोटी दूरी को तय करने के लिए फिलहाल पांच साल इंतजार करने के लिए राजी हैं। यही वजह है कि उन्होंने कहा है कि वे पांच साल फिलहाल दिल्ली तक केंद्रित रहेंगे। हालांकि सच्चाई यह है कि परदे के पीछे वे खुद को देश की राजनीति के लिए तैयार कर रहे हैं।

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बीते लोकसभा चुनाव में बुरी तरह फेल रहे केजरीवाल राजधानी की सत्ता के जरिये स्वयं को देश की सत्ता के लिए तैयार करना चाहते हैं। तभी तो दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद उन्हें टीम इंडिया की याद आई। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया जरूर वर्ल्डकप जीतकर लौटेगी।
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दोबारा शपथ लेने के बाद केजरीवाल में स्थायित्व दिखा। एक ओर अपनी जवाबदेही का अहसास कराते हुए उन्होंने पूरे पांच साल तक शासन करने की बात कही तो वहीं दूसरी ओर जनता के सामने अपने भविष्य का रोडमैप रखा।

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मंझे हुए नेता की तरह दिखे केजरीवाल

kejriwal prepare for national politics.

दिल्ली में पांच साल केंद्रित करने के केजरीवाल के बयान को लेकर माना जा रहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक शैली का अनुकरण कर रहे हैं। अभी बेशक वे राष्ट्रीय राजनीति में कूदने की बात पर विराम लगा रहे हैं। लेकिन उनकी तैयारियां दूर की सियासी जंग के लिए हैं। शायद राजधानी में बेहतर कामकाज के जरिए वे देश में अपनी छवि बनाना चाहते हैं।

वैसे केजरीवाल खुद को बेशक दिल्ली तक केंद्रित रखने की बात करें। मगर अपने पास कोई विभाग न रखकर उन्होंने इस बात के संकेत दे दिया है कि वे अपना समय दूसरे राज्यों में आम आदमी पार्टी (आप) के जनाधार को बढ़ाने में लगाएंगे। उल्लेखनीय है कि मोदी ने गुजरात का मॉडल देश के सामने रखकर लोकसभा का चुनाव जीता था, ठीक उसी तरह दिल्ली के विकास मॉडल के जरिये केजरी भी देशभर में अपना सिक्का जमाना चाहते हैं।

इस बार केजरीवाल पूरी तरह एक मंझे हुए नेता के अंदाज में दिखे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने वायदे और घोषणाओं की बजाय राजनीतिक मुद्दों और जनता से जोड़े रखने वाली बातों पर अधिक जोर दिया। जनता के साथ खुद को जोड़े रखने के प्रयास में उन्होंने वीआईपी कल्चर का विरोध करते हुए कहा कि गाड़ियों पर लालबत्ती नहीं लगेगी। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को चेताया भी कि टोपी पहनकर गुंडागर्दी करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। कांग्रेस और भाजपा की दिल्ली में सियासी दुर्गति का हवाला देते हुए केजरीवाल ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से अहंकार त्यागने को कहा। साथ ही अपनी नई राजनीतिक रणनीति के तहत भाजपा और कांग्रेस दोनों से समान दूरी भी बनाए रखा है।

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