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लोकसभा पिच पर रन के लिए प्रैक्टिस में जुटे केजरी

Fri, 07 Feb 2014 01:10 AM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 07 Feb 2014 01:10 AM IST
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kejriwal playing for lok sabha election

पूर्वोत्तर के वोटर्स को मैसेज देने के लिए अरुणाचल प्रदेश छात्र की हत्या के मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देने के साथ धरने में भी शामिल हुए।

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यही नहीं 400 यूनिट तक बिजली पर आधी सब्सिडी तो 20 हजार लीटर मासिक पानी फ्री कर दिया। किसानों को मंडी में लगने वाले 6 फीसदी कर से मुक्ति तो शिक्षाविदों के लिए कॉलेज प्रबंध समितियों में राजनीतिक नियुक्ति रोकने, पर्यावरणविदों को खुश करने के लिए मिलेनियम डिपो हटाने और रिटेल में एफडीआई पर रोक जैसे फैसले भी लिए।
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अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली लोकपाल बिल को कैबिनेट से मंजूरी दी तो वीआईपी कल्चर खत्म करने का संदेश देने के लिए लालबत्ती और सुरक्षा हटाई। नेता और अधिकारियों को फ्री में वीआईपी नंबर देने पर रोक का फैसला किया।

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स्वराज कानून पास करने की तैयारी

kejriwal playing for lok sabha election

यही नहीं, डिम्ट्स और बिजली वितरण कंपनियों की कैग से ऑडिट कराने का फैसला करके भी पुरानी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। लोकपाल बिल के बाद अब स्वराज कानून पास करने की तैयारी चल रही है। दोनो ही मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच तलवार खिंचनी जरूरी है।

विकास योजनाएं रुकने से लग सकता है झटका
विधायक फंड खत्म करने, भागीदारी योजना रोकने, नए प्रोजेक्ट को स्वीकृति नहीं दिए जाने के कारण विकास कार्य रुके हैं, क्योंकि अभी मोहल्ला सभा का गठन नहीं हुआ है जबकि विधायक के पास फंड नहीं होने के कारण छोटे-मोटे कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। इसका खामियाजा आम आदमी पार्टी को भुगतना पड़ सकता है।

केजरीवाल हर तबके को कर रहे टारगेट

kejriwal playing for lok sabha election

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अर्जुन के मछली आंख की तरह लोकसभा 2014 के लक्ष्य को साधने के लिए तरकश के तीर चला रहे हैं।

शुरुआत में 48 घंटे की सरकार मानकर चलने वाले केजरीवाल अब 13-16 फरवरी तक की सरकार मानकर काम कर रहे हैं।

ऐसे में हर तबके को टारगेट करके फैसले कर रहे हैं या फिर भ्रष्टाचार व कानून व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार से सीधी टक्कर लेकर वोटर्स तक लोकसभा जिताने का मैसेज देने की कोशिश में जुटे हैं।

देशभर में दे रहे नेतृत्व क्षमता का संदेश

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केजरीवाल नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मिलीभगत का आरोप हटाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि फैसलों से लोकसभा के दौरान सभी जगह नहीं पहुंच पाने वाले पार्टी के सबसे बड़े नेता नेतृत्व क्षमता का संदेश देशभर में देना चाहते हैं।

सिख समुदाय के लिए देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर की फांसी को आजीवन कारावास में बदलने और सिख दंगा के लिए एसआईटी की सिफारिश की तो अनुबंधित कर्मियों के लिए समिति बना दी।

ऑटो रिक्शा चालकों के लिए वेलफेयर बोर्ड और सीएनजी के घटे दाम तो बेघरों के लिए रैन बसेरे बढ़ाए। भ्रष्टाचार रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर समस्या सुनने के लिए अधिकारियों की दैनिक एक घंटा सुनवाई के आदेश दिए।

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