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केजरीवाल का कमालः जीवित लोगों को बनाया मृत!

Mon, 10 Mar 2014 12:29 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 10 Mar 2014 12:29 PM IST
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kejriwal paid homage rti activist who are alive

भाजपा के पीएम पर के दावेदार नरेंद्र मोदी भले कितना अच्छा भाषण देते हों, लेकिन विधानसभा चुनावों से पहले हुईं रैलियों में बोलते वक्त वे कुछ ऐसी गलतियां कर बैठें, जिसे लेकर आज तक उनकी आलोचना हो रही है, तंज कसे जा रहे हैं।

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अब तक इस तरह की गलती करने वाले शायद मोदी ही थे। लेकिन अब उन्हें नए साथी मिल गए हैं। साथी भी ऐसे, जो इन दिनों मोदी पर कुछ ज्यादा ही आक्रामक हो रहे हैं।
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यह गलती अरविंद केजरीवाल से हुई है। और संयोग की बात यह है कि केजरीवाल ने यह गलती मोदी के गढ़ गुजरात में रैली के दौरान अपने भाषण में की। चूक बड़ी है, ऐसी कि जिसके लिए माफी भी मांगनी पड़ सकती है।
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जीवित आरटीआई कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि

kejriwal paid homage rti activist who are alive

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद की रैली में जिन चार आरटीआई कार्यकर्ताओं को दिवंगत समझकर श्रद्धांजलि दी, उनमें से तीन जीवित हैं।

केजरीवाल ने शनिवार को अपने भाषण की शुरुआत संवेदना प्रकट करने से की, जिसमें उन्होंने कहा कि अमित जेठवा, भागु देवानी, जयसुख भाम्बानिया और मनीष गोस्वामी ने समाज के लिए शहादत देने का महान काम किया।

केजरीवाल ने कहा, "मैं सबसे उन लोगों को श्रद्धांजलि देना चाहता हूं, जिन्होंने गुजरात में भ्रष्टाचार से लड़ते हुए पिछले दस साल में अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी। मैं दिल की गहराइयों से इन लोगों को नमन करता हूं।"

देवानी ने कहा, मैं पूरी तरह ठीक

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चार दिवसीय दौरे के बाद केजरीवाल ने रोड शो किया और एक रैली को संबोधित किया। यह दौरा भाजपा के पीएम पद के दावेदार मोदी के गुजरात में विकास से जुड़े दावों की हवा निकालने के लिए किया गया था।

जिन चार आरटीआई कार्यकर्ताओं का नाम केजरीवाल ने लिया, उनमें से जेठवा का ‌देहांत हो चुका है। 20 जुलाई, 2010 को गुजरात हाई कोर्ट के बाहर उनका कत्ल कर दिया गया था। शक की सुई खनन माफिया की तरफ गई।

लेकिन बाकी तीन आरटीआई कार्यकर्ता जीवित और स्वस्‍थ हैं। पोरबंदर जिले के वकील 64 वर्षीय देवानी ने कहा, "तीन साल पहले मुझ पर हमला किया गया था, लेकिन फिलहाल मेरी सेहत पूरी तरह ठीक है...और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई भी जारी है।"

AAP में शामिल होने की तैयारी

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दिलचस्प है कि अरविंद केजरीवाल ने देवानी को मृत समझकर श्रद्धांजलि दी, लेकिन वो जल्द ही उनकी आम आदमी पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "मैं जल्द ही आम आदमी पार्टी का हिस्सा बन सकता हूं। केजरीवाल हम जैसे आरटीआई कार्यकर्ताओं के लिए अच्छा नेतृत्व मुहैया करा सकते हैं।"

25 जुलाई, 2011 को पांच-छह लोगों ने देवानी को पोरबंदर में उनकी कार से बाहर खींच लिया था और पेट में चाकू घोंप दिया। हालांकि, उनकी जान बच गई। देवानी का कहना है कि इस हमले के पीछे बाबू बोखरिया का हाथ है।

जयसुख पर हुआ था हमला, मगर पूरी तरह ठीक

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दरअसल, देवानी ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर बोखरिया पर पोरबंदर जिले में गैरकानून खदानें चलाने का इल्जाम लगाया है। केजरीवाल ने जयसुख को भी मृत माना, लेकिन वो भी भले-चंगे हैं। और वो खुद को खुशकिस्मत भी मानते हैं।

42 वर्षीय जयसुख ने कहा, "मैं सौभाग्यशाली हूं कि 24 अगस्त, 2011 को हमले के बाद मैं जीवित बच गया। नाकाम एसिड हमले के बाद मुझ पर तलवार और पाइप से हमला किया गया था।"

उन्होंने बताया, "ये हमले मेरे आरटीआई आवेदन दाखिल कराने के बाद हुए थे, जो मैंने बाइक वेंडरों को आरटीओ की ओर से जारी बोगस लाइसेंस और रेस्तरां के निर्माण को लेकर डाला था।"

AAP की सफाई, समझ नहीं आई

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जयसुख ने हमले के लिए स्‍थानीय नेताओं और सरकारी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। मनीष गोस्वामी पर 21 सितंबर, 2011 को हमला हुआ था। उन्होंने आरटीआई आवेदन दाखिल कर निजी कंपनी को मिली पर्यावरण संबंधी मंजूरी का ब्योरा मांगा था।

हालां‌कि, वो पूरी तरह ठीक हैं। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने बताया, "वो अब वापी में रहती हैं।" जब इस बारे में सफाई मांगी गई, तो आम आदमी पार्टी के गुजरात संयोजक सुखदेव पटेल ने कहा, "जब उन्होंने नाम लिए, मैं वहां नहीं था। लेकिन मैं इसकी पड़ताल जरूर करूंगा।"

जाहिर है, अरविंद केजरीवाल से रैली में चूक हुई है, इसलिए यह सब ऑन-रिकॉर्ड हैं। अब देखना है कि आम आदमी पार्टी और उसके नेता इस पर क्या सफाई देते हैं।

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