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केजरीवाल अब कानून मंत्री के क्षेत्र में छेड़ेंगे जंग
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Oct 2012 01:23 AM IST
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कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने फिलहाल अपना आंदोलन रोक दिया है। अब वह अगली लड़ाई एक नवंबर से खुर्शीद के संसदीय क्षेत्र फर्रुखाबाद से शुरू करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि चार दिनों से विकलांगों की बात सुनने की बजाय कांग्रेस और केंद्र सरकार कानून मंत्री के बचाव में लगे रहे। यही कारण है कि अब जनता की अदालत में जाना जरूरी हो गया है। केजरीवाल ने प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ 30 अक्तूबर को मानेसर (हरियाणा) की किसान पंचायत में आवाज बुलंद करने की भी बात कही।
सोमवार दोपहर बाद केजरीवाल ने संसद मार्ग पर अपने धरने को खत्म करने का ऐलान करते हुए अगली रणनीति का खुलासा किया। इस दौरान उन्होंने मुलाकात का समय नहीं देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा। केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के पंकज कुमार को भी पेश किया। पंकज पैर से विकलांग हैं। मगर कागजों के मुताबिक, उन्हें सुनने में मदद करने वाली मशीन दी गई है।
पंकज ने हैरानी जताते हुए कहा कि न तो वह कभी किसी कैंप में गए और न ही उन्होंने ऐसी कोई मशीन ली तो उनका नाम सूची में कैसे आ गया। केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से अपील की है वो दो नवंबर को शाम सात बजे से एक घंटे के लिए घरों की बिजली बंद कर इस धांधलेबाजी का विरोध जताएं। बुधवार को उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी समेत कई नेताओं के बारे में कुछ खुलासे करने का भी ऐलान किया है।
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उन्होंने कानून मंत्री और उनकी पत्नी पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘राष्ट्रीय विकलांग पार्टी’ के समर्थन में चार दिन पहले आंदोलन शुरू किया गया था। उनकी मांग कानून मंत्री की बर्खास्तगी और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद की गिरफ्तारी की थी। भ्रष्टाचार को देखते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन इस्तीफा लेने की जगह सरकार कानून मंत्री का बचाव कर रही है। लिहाजा अब जनता के बीच जाकर अपनी बात कही जाएगी। उन्होंने कहा कि हम लोग फर्रुखाबाद जाएंगे। वहां मतदाताओं से गुजारिश की जाएगी कि सलमान खुर्शीद के खिलाफ किसी अशक्त को चुनाव में खड़ा करें और उसे जिताएं।
केजरीवाल के अगले कदम को लेकर भाजपा सतर्क
नई दिल्ली/ब्यूरो/सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा से लेकर केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अरविंद केजरीवाल के अगले कदम को लेकर भाजपा सतर्क हो गई है। दरअसल, केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वे आगामी बुधवार को भाजपा के बड़े नेता के कथित भ्रष्टाचार को लेकर खुलासा करेंगे। भाजपा को आशंका है कि केजरीवाल अब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं।
खासतौर पर गडकरी और पार्टी के राज्यसभा सांसद संचेती के व्यापारिक संबंधों को लेकर भाजपा आशंकित है। पार्टी का मानना है कि केजरीवाल के आरोपों में भले ही कोई दम न दिखे, लेकिन वे भाजपा की भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम की धार कुंद कर सकते हैं। पार्टी अपने पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण पर लगे आरोपों पर आज भी असहज हो जाती है।
अब गडकरी समेत किसी भी बड़े नेता पर केजरीवाल के आरोप लगने से पार्टी मुश्किल में पड़ जाएगी। वैसे भाजपा यह भी दिखाने का प्रयास कर रही है कि उसे केजरीवाल के आरोपों का कोई भय नहीं है। पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी आरोप लगाने की स्वतंत्रता है और चुनाव के समय विपक्ष की ओर से इस तरह के आरोप लगते रहते हैं।
कोट
सोमवार को ‘राष्ट्रीय विकलांग पार्टी’ ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उनके पास पीड़ितों से मिलने का समय नहीं है। हम मनमोहन सिंह को अपना प्रधानमंत्री नहीं मानते। आज यदि जनता के पास ‘राइट टू रिकॉल’ का अधिकार होता, तो सरकार का अस्तित्व एक दिन में खत्म हो गया होता।
- अरविंद केजरीवाल
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सोमवार दोपहर बाद केजरीवाल ने संसद मार्ग पर अपने धरने को खत्म करने का ऐलान करते हुए अगली रणनीति का खुलासा किया। इस दौरान उन्होंने मुलाकात का समय नहीं देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा। केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के पंकज कुमार को भी पेश किया। पंकज पैर से विकलांग हैं। मगर कागजों के मुताबिक, उन्हें सुनने में मदद करने वाली मशीन दी गई है।
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पंकज ने हैरानी जताते हुए कहा कि न तो वह कभी किसी कैंप में गए और न ही उन्होंने ऐसी कोई मशीन ली तो उनका नाम सूची में कैसे आ गया। केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से अपील की है वो दो नवंबर को शाम सात बजे से एक घंटे के लिए घरों की बिजली बंद कर इस धांधलेबाजी का विरोध जताएं। बुधवार को उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी समेत कई नेताओं के बारे में कुछ खुलासे करने का भी ऐलान किया है।
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उन्होंने कानून मंत्री और उनकी पत्नी पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘राष्ट्रीय विकलांग पार्टी’ के समर्थन में चार दिन पहले आंदोलन शुरू किया गया था। उनकी मांग कानून मंत्री की बर्खास्तगी और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद की गिरफ्तारी की थी। भ्रष्टाचार को देखते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन इस्तीफा लेने की जगह सरकार कानून मंत्री का बचाव कर रही है। लिहाजा अब जनता के बीच जाकर अपनी बात कही जाएगी। उन्होंने कहा कि हम लोग फर्रुखाबाद जाएंगे। वहां मतदाताओं से गुजारिश की जाएगी कि सलमान खुर्शीद के खिलाफ किसी अशक्त को चुनाव में खड़ा करें और उसे जिताएं।
केजरीवाल के अगले कदम को लेकर भाजपा सतर्क
नई दिल्ली/ब्यूरो/सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा से लेकर केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अरविंद केजरीवाल के अगले कदम को लेकर भाजपा सतर्क हो गई है। दरअसल, केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वे आगामी बुधवार को भाजपा के बड़े नेता के कथित भ्रष्टाचार को लेकर खुलासा करेंगे। भाजपा को आशंका है कि केजरीवाल अब पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं।
खासतौर पर गडकरी और पार्टी के राज्यसभा सांसद संचेती के व्यापारिक संबंधों को लेकर भाजपा आशंकित है। पार्टी का मानना है कि केजरीवाल के आरोपों में भले ही कोई दम न दिखे, लेकिन वे भाजपा की भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम की धार कुंद कर सकते हैं। पार्टी अपने पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण पर लगे आरोपों पर आज भी असहज हो जाती है।
अब गडकरी समेत किसी भी बड़े नेता पर केजरीवाल के आरोप लगने से पार्टी मुश्किल में पड़ जाएगी। वैसे भाजपा यह भी दिखाने का प्रयास कर रही है कि उसे केजरीवाल के आरोपों का कोई भय नहीं है। पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी आरोप लगाने की स्वतंत्रता है और चुनाव के समय विपक्ष की ओर से इस तरह के आरोप लगते रहते हैं।
कोट
सोमवार को ‘राष्ट्रीय विकलांग पार्टी’ ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उनके पास पीड़ितों से मिलने का समय नहीं है। हम मनमोहन सिंह को अपना प्रधानमंत्री नहीं मानते। आज यदि जनता के पास ‘राइट टू रिकॉल’ का अधिकार होता, तो सरकार का अस्तित्व एक दिन में खत्म हो गया होता।
- अरविंद केजरीवाल