कुर्सी पर बैठते ही केजरीवाल से हुई गलती
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने दफ्तर कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे अरविंद केजरीवाल अनजाने में एक गलती कर बैठे। हालांकि उन्होंने इस गलती को जल्द ही सुधार लिया। अरविंद केजरीवाल रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह के बाद सीधे सचिवालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के तौर पर अपना पदभार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते वक्त उन्होंने आम आदमी पार्टी की टोपी अपने सिर पर पहन रखी थी।
इस दौरान उनके साथ सहयोगी मंत्री मनीष सिसौदिया और कुछ अन्य मंत्री भी थे। जब अरविंद केजरीवाल का ध्यान, उनके साथियों ने इस तरफ दिलाया तो केजरीवाल ने तुरंत आम आदमी पार्टी की टोपी उतार कर रख दी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है, वो किसी पार्टी विशेष का प्रतिनिधित्व नहीं करता बल्कि पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करता है।
केजरीवाल बोले अहंकार से दूर रहें
इससे पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद केजरीवाल ने रामलीला मैदान में मौजूद हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को अहंकार से दूर रहने की सलाह दी। केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस की बुरी गत उसके अहंकार के चलते हुई है और पिछले मई महीने में लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीती बीजेपी की दुर्गति भी उसके अहंकार के चलते हुई। केजरीवाल ने पुलिस से कहा कि अगर उनकी पार्टी का कार्यकर्ता किसी गलत काम में लिप्त पाया जाता है तो पुलिस उसे दोगुनी सजा दे।
केजरीवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई उनकी मुहिम जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर कोई घूस दे तो ले लेना और उसकी रिकार्डिंग कर लेना और हमें भेज देना। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि भ्रष्टाचार से मुकाबला करने के लिए बना टेलीफोन नंबर फिर से काम करेगा जहां कोई भी अपनी शिकायत कर सकेगा।