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दिग्विजय और यशवंत के शब्द बाणों पर छिड़ा विवाद

Sun, 11 Nov 2012 10:37 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी Updated Sun, 11 Nov 2012 10:37 PM IST
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kejriwal is like rakhi sawant rahul is like a wedding horse

‘नेता’ शब्द तो दशकों पहले जनता के बीच गरिमा खो चुका था, अब नेता खुद एक-दूसरे के सम्मान के दुश्मन बन गए हैं। घटिया शब्द बाण और फिकरे राजनीति का अभिन्न अंग हो चले हैं।

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रविवार को कांग्रेस और भाजपा के दो बड़े नेताओं ने शालीनता की मर्यादाएं लांघी और विवादों में घिर गए। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम चला रहे सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल की तुलना राखी सावंत से कर डाली। जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कांग्रेस के नंबर दो नेता राहुल गांधी की तुलना दूल्हे की सवारी बनने वाले घोड़े से कर डाली, जो बिना इशारा पाए आगे नहीं बढ़ता।
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पिछले महीने केजरीवाल से 27 सवाल पूछने वाले दिग्विजय ने अब उन पर ट्वीट किया, ‘अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं। दोनों बहुत कोशिशें करते हैं। कुछ एक्सपोज (प्रकट करना) भी करते हैं। लेकिन उनके एक्सपोज में दम नहीं होता।’ वैसे दिग्विजय ने लगे हाथ राखी से माफी मांग ली और ट्वीट में कहा, ‘इस तुलना के लिए राखी से क्षमा याचना। मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं।’
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विवाद खड़ा होने पर सिंह ने यह कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि यह तुलना उनकी अपनी नहीं है। कोलंबिया विश्वविद्यालय के एक छात्र ने उन्हें यह मैसेज भेजा, जिसे वे सबसे ‘शेयर’ करने से खुद को रोक नहीं सके। एक और विवाद तब खड़ा हुआ जब भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को शनिवार की रात बोकारो की एक जनसभा में ‘शादी का घोड़ा’ कह दिया।

उन्होंने कहा, ‘दूल्हे को अपनी पीठ पर बैठाए घोड़ा कई बार एक जगह पर अड़ जाता है। इसी तरह राहुल गांधी भी आगे नहीं बढ़ रहे हैं। वे कुछ कर दिखाएं इसके कई प्रयास हो रहे हैं। लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे। जब तक वे बढ़ना नहीं चाहेंगे मनमोहन सिंह क्या कर लेंगे? यह आज की कांग्रेस का संकट है।’

सिन्हा के इस बयान पर कांग्रेस ने खासी नाराजगी प्रकट की। दिग्विजय सिंह, मनीष तिवारी, आनंद शर्मा और जितिन प्रसाद जैसे कांग्रेसी नेताओं ने सिन्हा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा नेता को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। कांग्रेस पर टिप्पणी करने के बजाय यह देखना चाहिए कि उनकी पार्टी में क्या हो रहा है?

जनता पर कुछ ऐसे बरसे बसपा सांसद
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य प्रो. एसपी सिंह बघेल ने यूपी की जनता पर अपना गुस्सा निकाला है। उन्होंने रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कहा कि विधानसभा चुनावों में बसपा को हरा कर सपा को जिताने वाली जनता कुछ ही महीनों बाद सरकार की आलोचना कर रही है।

प्रो.बघेल ने कहा, ‘पिल्लों की जब तक आंखें बंद थी वे सपा-सपा चिल्ला रहे थे लेकिन जब आंखें खुली तो बसपा-बसपा चिल्लाने लगे। पहले जनता की आंखें बंद थी लेकिन अब वह बसपा का साथ देने को तैयार है।’ इस तुलना पर सम्मेलन में मौजूद हर व्यक्ति हैरान रह गया। सम्मेलन में पूर्व बसपा मंत्री नसीमुद्दीन भी मौजूद थे।


मुझे समझ नहीं आता कि नेता मेरे कंधों पर रख कर बंदूक क्यों चला रहे हैं। यह मामला वाकई बहुत आपत्तिजनक है। जो कुछ हो रहा है उससे मैं बहुत नाराज हूं। ऐसा लगता है कि उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है।
-राखी सावंत

दिग्विजय सिंह ने केजरीवाल की तुलना राखी सावंत से करके इस देश की महिलाओं का अपमान किया है।
-कुमार विश्वास

यशवंत सिन्हा को भाजपा की स्थित पर चिंतित होना चाहिए। यदि वे अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष गडकरी और भाजपा की बिगड़ती स्थिति पर कुछ कहें तो ज्यादा बेहतर होगा।
-जितिन प्रसाद, कांग्रेस के केंद्रीय मंत्री

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