अराजक हैं अरविंद केजरीवाल: राज्यपाल
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उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का आम आदमी को न्याय दिलाने का तरीका सही नहीं है। वह अराजकतावादी हैं और उनसे पहले भी कई लोगों ने अराजकता फैलाकर सत्ता पर काबिज रहने की कोशिश की, मगर सफल नहीं हुए।
डॉ. कुरैशी शनिवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जिस तरह से दिल्ली के उपराज्यपाल पर टिप्पणी कर उन्हें विवादों में घसीटा उससे तो यही लगता है कि उनको संविधान और संवैधानिक पदों की गरिमा का जरा भी ख्याल नहीं है।
'केजरीवाल ने लिया अराजकता का सहारा'
उत्तराखंड के राज्यपाल ने कहा कि देश के संविधान में हरेक नागरिक के लिए आचार संहिता बनाई गई है। सभी को संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की गरिमा का सम्मान करना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सुशासन के लिए केजरीवाल का एप्रोच ठीक नहीं था। अपनी मांग मनवाने के लिए उन्होंने अराजकता का सहारा लिया।
पहले और दूसरे महायुद्ध के बीच दुनिया के कुछ देशों में अराजकतावादी विचारधारा पनपी थी मगर इस विचारधारा के पोषक लंबे समय तक सत्ता में नहीं रह सके।
'सफल नहीं हो सकते अराजकतावादी'
राज्यपाल ने कहा कि दुनिया के किसी भी मुल्क में अराजकतावादी विचारधारा या राजनीति कभी सफल नहीं हो सकती। कहा कि जिस देश में 95 फीसदी आबादी को अच्छे स्कूल और अच्छी चिकित्सा सुविधा मुहैया न हो वहां सुशासन की बात करना बेमानी है।
आर्थिक असमानता के चलते आजादी के इतने सालों बाद भी महज पांच फीसदी लोग ही अच्छी शिक्षा और अच्छी चिकित्सा सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'मेरा वश चले तो मैं निजी नर्सिंग होम और पब्लिक स्कूल की व्यवस्था ही समाप्त कर दूं। ‘सुशासन’ की राह में ये सबसे बड़ी बाधा हैं।