फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   kejriwal continues hunger strike on third day

अनशन से क्या पाना चाहते हैं केजरीवाल?

Mon, 25 Mar 2013 06:22 PM IST
अवनीश पाठक
अवनीश पाठक Updated Mon, 25 Mar 2013 06:22 PM IST
विज्ञापन
kejriwal continues hunger strike on third day

अरविंद केजरीवाल के बेमियादी भूख हड़ताल का आज लगातार तीसरा दिन है। जंतर मंतर और राम लीला मैदान छोड़कर केजरीवाल इस बार दिल्ली के बहुत ही पिछड़े इलाके सुंदर नगरी में अनशन पर बैठे हैं।

विज्ञापन


वह राजधानी में बिजली-पानी के बिलों में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, वे दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन चला रहे हैं।

गौरतलब है अरविंद केजरीवाल ने बिजली-पानी के मुद्दे पर शीला दीक्षित सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

इन आरोपों के बाद से ही केजरीवाल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सभाएं कर रहे हैं। वे लोगों के बीच जा रहे हैं और उनसे अपील कर रहे हैं कि वे बिजली और पानी के बिल ना जमा करें।
विज्ञापन


सुंदर नगरी में हो रहा बेमियादी अनशन इन सभाओं की कड़ी का ही हिस्सा है।

केजरीवाल के मुताबिक, शीला दीक्षित सरकार ने कंपनियों से मिलीभगत करके बिजली-पानी के दाम बढ़ाए हैं, जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है।

केजरीवाल का दावा है कि बिजली और पानी का बिल न जमा करने पर अगर किसी की कनेक्शन काटा गया तो वे उसे खुद आकर जोड़ेंगे।

केजरीवाल लोगों से वादा कर रहे हैं कि बिजली और पानी का बिल जमा न करने पर उन पर यदि मुकदमा किया गया तो उनकी पार्टी की सरकार आने पर वे इन मुकदमों को हटा देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


केजरीवाल की सभाओं में भीड़ भी जुट रही है और लोग उनके वादे पर यकीन भी कर रहे हैं। सवाल यह है कि दिल्ली विधानसभा चुनावों से राजनीतिक पारी शुरु करने की तैयारी कर रहे केजरीवाल का वादा क्या पूरा हो पाएगा?

केजरीवाल की आम आदमी पार्टी क्या सत्ता के करीब पहुंच पाएगी? उन्हें इतनी सीटें मिल पाएंगी कि वे दिल्ली में सरकार बना सकें?

केजरीवाल की राजनीति

वैसे राजधानी में केजरीवाल की आम सभाओं में जुट रही भीड़ आश्वस्त है। उसे भरोसा है कि केजरीवाल विधानसभा चुनावों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहेंगे।

पिछले सप्ताह राजधानी के कोंडली इलाके में हुई ऐसी ही एक सभा में जब भीड़ में खड़े एक युवक से पूछा गया, 'क्या लगता है आपको? यहां खड़ी भीड़ केजरीवाल को वोट देगी ओर वे विधानसभा चुनावों में कुछ कर पाएंगे।'

जवाब हां में आया। कोंडली में ही कपड़े की दुकान चला रहे सुनील ने बताया, 'यहां खड़ी भीड़ में से अधिकांश लोग आम आदमी पार्टी को वोट देंगे।' सुनील के मुताबिक, केजरीवाल विधानसभा चुनावों में अपनी जगह कामयाब हो जाएंगे।

विधान सभा की गणित

सवाल यह भी है कि 70 सीटों की विधानसभा में क्या केजरीवाल को इतनी सीटे मिल पाएंगी कि वे सरकार बना सकें?

इस बात को लेकर भी केजरीवाल की सभाओं में जुटे लोग आश्वस्त हैं। कोंडली की ही सभा में शामिल शंकर लाल के मुताबिक, 'केजरीवाल उन इलाकों में सभाएं कर रहे है, जहां उन्हें वोट मिलने की पूरी संभावना है।'


शंकर लाल बताते हैं कि केजरीवाल 30 से 35 सीटें नहीं जीत सकते, लेकिन उन्हें 4-5 सीटें तो मिल ही जाएंगी और ये सीटें ही तय करेंगी कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनेगी।

शंकर लाल की बात से उनकी पत्नी राजरानी कर्दम भी सहमत दिखती हैं, जो खुद कल्याणपुरी इलाके से पार्षद का चुनाव लड़ चुकी हैं।

भीड़ के इस उत्साह से क्या समझें, केजरीवाल किंग नहीं किंगमेकर बनने की तैयारी में हैं?

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed