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केजरीवाल को भारी पड़ी भाजपा से पत्थरबाजी, क्या-क्या गंवाया?

Thu, 06 Mar 2014 02:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 06 Mar 2014 02:37 PM IST
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kejriwal and aap took political mileage, then loose it

गुजरात पुलिस ने आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को बुधवार को कुछ देर थाने में क्या बुलाया, बवाल मच गया। पहले केजरीवाल ने कहा कि यह सब मोदी के इशारे पर हुआ है। बाद में यह शिकायत दिल्ली, लखनऊ और इलाहाबाद में झड़प में भी बदली।

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जब लग रहा था कि सब ठीक है और यह सियासत की चाल भर है, तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना नहीं की गई थी। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली स्थित भाजपा के दफ्तर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह भी सियासत थी, लेकिन ज्यादा गड़बड़ हो गई।
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यह प्रदर्शन धीरे-धीरे तल्ख हुआ और कुछ देर में दोनों पक्षों के बीच लड़ाई-झगड़ा शुरू हो गया। भाजपा और AAP के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार पत्थरबाजी हुई। दिल्ली के बाद लखनऊ और फिर इलाहाबाद में भी ऐसा ही कुछ हुआ। हालांकि, रात होते-होते दोनों दलों के नेताओं ने दावा किया कि वो अहिंसा में यकीन रखते हैं। हालांकि, बुधवार शाम यह अहिंसा राजनीति के पैरों तले कुचली गई थी।
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मोदी पर हमला बोलने का सुनहरा मौका

kejriwal and aap took political mileage, then loose it

अर‌विंद केजरीवाल को जब गुजरात पुलिस ने आधे घंटे के लिए हिरासत में लिया, तो इससे साफ तौर पर यह संदेश गया कि नरेंद्र मोदी के इशारों पर ऐसा किया गया है। और उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है।

आम आदमी पार्टी यही चाहती थी। गुजरात की राजनीति में केजरीवाल की दिलचस्पी कितनी है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है‌, लेकिन मोदी के गढ़ में वो इसलिए पहुंचे, ताकि देश भर का मीडिया और लोग उनकी तरफ देखें। और ऐसा ही हुआ।

केजरीवाल ने इसे हिरासत के रूप में पेश किया और पुलिस भी शुरुआत में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े कुछ ऐसे ही बयान दे रही थी। लेकिन जब कुछ देर बाद वह रिहा कर दिए गए, तो पुलिस ने कहा‌ कि जाम लगने और उनकी सुरक्षा का ख्याल रखने के लिए ऐसा किया गया। गुजरात पुलिस से चूक हुई और आम आदमी पार्टी के हाथ मुद्दा लग गया।

पुलिस की चूक, भाजपा को घाटा

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आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को तुरंत भुनाना शुरू कर दिया। थाने से बाहर निकलते ही केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, "गुजरात में कोई विकास नहीं हुआ है। यह सब झूठ है। असलियत दिख रही है।"

जब उनसे पूछा गया कि यह सब किसके इशारे पर हो रहा है, उन्होंने कहा, "जाहिर है, मोदीजी के इशारे पर हो रहा है। हमें खबर मिली थी कि सभी डीएसपी को बोला गया है कि जैसा भी हो केजरीवाल को रोको। सब डरे हुए हैं।"

ऐसा लग रहा था कि मोदी की पुलिस ने गलती कर दी है और केजरीवाल को माइलेज मिल गया है। लेकिन शाम होते-होते इस सियासत ने कुछ और मोढ़ ले लिया। आम आदमी पार्टी ने मोबाइल पर एसएमएस भेजकर शाम साढ़े 5 बजे भाजपा के दिल्ली मुख्यालय का घेराव करने के लिए कहा।

लेकिन हिंसा ने ‌बिगाड़ी छवि

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शाम छह बजे दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय मैदान ए जंग बन गया। भाजपा और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा हुई। कुर्सियां फेंकी गईं और पत्‍थरों से हमला हुआ।

केजरीवाल गुजरात में थे और पार्टी में नंबर दो का दर्जा रखने वाले मनीष सिसोदिया और योगेंद्र यादव दिल्ली में मौजूद नहीं थे और न इस ‌प्रदर्शन में नजर आए। प्रदर्शन में AAP ‌के कार्यकर्ताओं की अगुवाई आशुतोष, शाजिया इल्मी कर रहे थे।

कैमरे पर भाजपा के दफ्तर से कुर्सियां फेंकी गईं और पत्‍थरबाजी भी हुई, लेकिन नई राजनीति शुरू करने का वादा करने वाली आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी हिंसक होते नजर आए। कोई भाजपा कार्यालय की दीवार पर चढ़ रहा था, तो कोई पानी की बौछार मारने वाली गाड़ी पर।

रात में मांगनी पड़ी माफी

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शाम तक जहां आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल को कुछ देर तथाकथित हिरासत में रखने को लेकर मोदी और भाजपा पर हमला बोल रही थी, वहीं भाजपा दफ्तरों के बाहर हुई हिंसा ने उसका माइलेज कुछ कम दिया।

रात में अरविंद केजरीवाल को पूरे मामले पर माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा, "मुझे पता लगा है कि हमारे कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के बाहर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे और भाजपा वालों ने हिंसा की। जवाब में हमारे एक-दो लोगों ने भी ऐसा ही किया। यह गलत है। और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। आगे कोई प्रदर्शन नहीं होगा।"

दरअसल, आम आदमी पार्टी जानती है कि उसे अलग तरह से देखा जाता है। और परंपरागत सियासी हथकंडे उसे प्रचार तो देंगे, लेकिन वोट के मामले में नुकसान कर सकते हैं। ऐसा लग रहा है कि केजरीवाल ने बुधवार दिन में कमाई पूंजी में से काफी-कुछ शाम को अपने कार्यकर्ताओं की वजह से गंवा दी।

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