केजरीवाल का अधिकारियों पर संगीन इल्जाम
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आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी अरविंद केजरीवाल ने कई प्रशासनिक अधिकारियों पर भाजपा समर्थक होने का आरोप लगाया है। अपने आरोप की पुष्टि के लिए उन्होंने एलआईयू के डिप्टी एसपी की ओर से जिलाधिकारी और एसएसपी को लिखे गए पत्र की कापी भी दिखाई।
उन्होंने डिप्टी एसपी को यह कहकर हटाने की मांग की कि वे नरेंद्र मोदी के घोर समर्थक हैं। हिंदू धर्म के बारे में गलत विचार रखते हैं।
महमूरगंज स्थित केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने डिप्टी एसपी के पत्र में लिखे ‘हिंदू बहुल तथा भाजपा समर्थित स्थानों’ सरीखे कई वाक्यों पर आपत्ति जताई है।
केजरीवाल ने लिखा डीएम को पत्र
उन्होंने आरोप लगाया कि वह मोदी के खिलाफ बोल रहे हैं तो पुलिस को परेशानी हो रही है। डीएसपी चाहते हैं कि मैं नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलना बंद कर दूं। उन्होंने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में उस वाक्य पर भी नाराजगी जाहिर की है जिसमें केजरीवाल पर आरोप लगाया गया है कि मीडिया का ध्यान खींचने के लिए वह कई हथकंडे अपना रहे हैं।
केजरीवाल ने कहा कि अब क्या उन्हें पुलिस उपाधीक्षक सिखाएंगे कि प्रचार कैसे करना है? जनता से हाथ मिलाना, गले लगाना, उसके प्रश्नों का जवाब देना भले ही डीएसपी की नजर में हथकंडा हो पर उनकी नजर में यही जनतंत्र है। केजरीवाल ने डीएम से अनुरोध किया है कि उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को हटाकर काशी की जनता की सुरक्षा में लगा दिया जाए ताकि भाजपा के गुंडों से उसे बचाया जा सके। साथ ही ऐसे अधिकारियों पर नजर रखें जो मोदी और भाजपा का समर्थन कर रहे हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने चुनाव आयोग पर भी अंगुली उठाई और मोदी द्वारा अंगुली पर लगे निशान व कमल दिखाने सहित तीन घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन तो माना पर कोई कार्रवाई नहीं की।
चुनाव आयुक्त से की डीएसपी की शिकायत
आम आदमी पार्टी कार्यकारिणी के सदस्य प्रशांत भूषण ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत से मुलाकात कर एलआईयू के डिप्टी एसपी से जुड़े पूरे मामले की शिकायत की है।
बकौल प्रशांत भूषण आप की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया है कि उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी जिसने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर अपनी गोपनीय रिपोर्ट में आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
पार्टी ने आयोग से पूछा है कि भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने को अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है? पार्टी ने आयोग को अपने कार्यकर्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों को रोक पाने में जिला प्रशासन की नाकामी से भी अवगत कराया।